भारतीय शेयर बाजार ने कारोबारी सत्र की शुरुआत मजबूत बढ़त के साथ की। बीएसई सेंसेक्स करीब 650 अंकों की तेजी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि एनएसई निफ्टी भी महत्वपूर्ण स्तरों पर मजबूती के साथ आगे बढ़ा। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और एशियाई शेयर बाजारों में तेजी का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक निवेशकों का सकारात्मक रुख, विदेशी निवेश प्रवाह और प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी के कारण बाजार में मजबूती देखने को मिली। बैंकिंग, आईटी, ऑटो और वित्तीय शेयरों में अच्छी खरीदारी दर्ज की गई, जिससे प्रमुख सूचकांकों को समर्थन मिला। इस बीच एशियाई बाजारों में भी अधिकांश प्रमुख इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। निवेशक वैश्विक आर्थिक संकेतकों, ब्याज दरों और अमेरिका सहित प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। इन कारकों का असर आने वाले कारोबारी सत्रों में भी देखने को मिल सकता है। कमोडिटी बाजार की बात करें तो ब्रेंट क्रूड लगभग 76 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बना रहा। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारत जैसे आयातक देशों की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक माहौल सकारात्मक बना रहता है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का रुख आगे भी कायम रह सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। बाजार में निवेश से पहले विशेषज्ञों की राय लेना और जोखिम का आकलन करना महत्वपूर्ण माना जाता है।