UP ELECTION- ओवैसी को मिलेगी सपा का साथ ? AIMIM की चेतावनी

📸 सांकेतिक तस्वीर | फोटो: HBN News 24
उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले चुनावों से माहौल पूरी तरह से गरमाया हुआ है. एक और जहां आरोप-प्रत्यारोप का दौर राज्य में जारी है. तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए विरोधी दल रणनीति बनाने में जुटे है. ऐसे में चुनाव को लेकर AIMIM प्रमुख असुदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन को साथ चलने का प्रस्ताव दिया था और कहा कि फिर से बीजेपी की सरकार को रोका जाना चाहिए लेकिन अगर सपा साथ नहीं देती है तो वो अकेले चुनाव लड़ेंगे.एक कार्यक्रम को दौरान ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन पर जुबानी हमला बोला था और कहा कि उत्तर प्रदेश समेत देश के 20 करोड़ मुसलमान किसी की बपौती नहीं है. ओवैसी यहीं नहीं रूके थे उन्होंंने आगे कहा कि अगर राजनीतिक दल मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक या अपनी संपत्ति समझते हैं तो आगामी चुनावों में उन्हें जवाब दिया जाएगा.'बीजेपी को हराना मकसद, लेकिन इसे कमजोरी न समझें' AIMIM प्रमुख असुदुद्दीन ओवैसी ने दो टूक शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार बीजेपी की सरकार (Third Consecutive Term for BJP) किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए. भगवा पार्टी को सत्ता की कुर्सी से बेदखल करने के लिए उन्होंने सपा और विपक्षी गठबंधन को हाथ बढ़ाने का गठबंधन प्रस्ताव दिया था. हालांकि, ओवैसी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस प्रस्ताव को उनकी पार्टी की कमजोरी या मजबूरी बिल्कुल नहीं समझा जाना चाहिए.सपा प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को चेतावनी देते हुए ओवैसी ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी उनके इस हाथ को ठुकराती है, तो AIMIM उत्तर प्रदेश की सियासत में अपने दम पर चुनाव लड़ने का दम रखती है. उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा, "यह हमारी कमजोरी नहीं, बल्कि हमारी राजनीतिक ताकत की निशानी है. अगर आप हमारा साथ ठुकराते हैं, तो समाजवादी पार्टी यह अच्छी तरह सुन ले कि यह हाथ बहुत ताकतवर है।"'मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक समझा गया'सपा और अन्य पार्टियों पर तीखा हमला बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि देश और उत्तर प्रदेश के 20 Crore Muslims किसी की राजनीतिक बपौती नहीं हैं. पिछले 70-75 वर्षों से मुख्यधारा की पार्टियों ने समुदाय के अधिकारों की अनदेखी की है और उन्हें केवल वोट बैंक की राजनीति (Vote Bank Politics) के रूप में इस्तेमाल किया है.ओवैसी ने तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि हाल ही में आंखों के सामने मदरसे बंद (Madrasas Sealed) किए गए और राज्य में कई मदरसों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें गिरा दिया गया, लेकिन उस मुश्किल वक्त में समाजवादी पार्टी या अन्य धर्मनिरपेक्ष दल पीड़ितों की मदद के लिए आगे क्यों नहीं आए? उन्होंने आरोप लगाया कि इन राजनीतिक दलों को कभी भी मुसलमानों के दर्द से सरोकार नहीं रहा, इन्हें सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम वोटों (Muslim Votes) से प्यार है.'दलितों और शोषितों के न्याय की लड़ाई'अपनी पार्टी के स्टैंड को स्पष्ट करते हुए AIMIM प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ एक विशेष वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि AIMIM राज्य के दलित, पिछड़े वर्ग के अधिकारों और न्याय के लिए पुरजोर आवाज उठाती है.ये भी पढ़ें- CEC ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी की- राहुल गांधीउन्होंने समाजवादी पार्टी और अपनी पार्टी के बीच का बुनियादी अंतर समझाते हुए कहा कि जहां अन्य दल सिर्फ सत्ता की मलाई खाना चाहते हैं और मुसलमानों को कमजोर रखना चाहते हैं, वहीं उनकी पार्टी समाज के हर उस शख्स के साथ खड़ी है जिसे हक और इंसाफ से महरूम रखा गया है. आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले ओवैसी के इस कड़े रुख ने उत्तर प्रदेश के Muslim Voter Base को एक नया विकल्प देने की बात पुख्ता कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के चुनावोंं (UP Politics) के समीकरण और अधिक रोचक होने की पूरी संभावना है.









