HBN News 24 Logo
A Unit of Digital ORRA

हिंद भारत न्यूज़

सच्ची खबर, बेबाक नजर

राष्ट्रीय हिंदी दैनिक • स्थापना 2024

hbnnews24.com
सोमवार, 5 अक्टूबर 2026
breakingहिंद भारत न्यूज़

UP ELECTION- ओवैसी को मिलेगी सपा का साथ ? AIMIM की चेतावनी

लखनऊ|Vivek
UP ELECTION- ओवैसी को मिलेगी सपा का साथ ? AIMIM की चेतावनी

📸 सांकेतिक तस्वीर | फोटो: HBN News 24

उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले चुनावों से माहौल पूरी तरह से गरमाया हुआ है. एक और जहां आरोप-प्रत्यारोप का दौर राज्य में जारी है. तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए विरोधी दल रणनीति बनाने में जुटे है. ऐसे में चुनाव को लेकर AIMIM प्रमुख असुदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन को साथ चलने का प्रस्ताव दिया था और कहा कि फिर से बीजेपी की सरकार को रोका जाना चाहिए लेकिन अगर सपा साथ नहीं देती है तो वो अकेले चुनाव लड़ेंगे.एक कार्यक्रम को दौरान ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन पर जुबानी हमला बोला था और कहा कि उत्तर प्रदेश समेत देश के 20 करोड़ मुसलमान किसी की बपौती नहीं है. ओवैसी यहीं नहीं रूके थे उन्होंंने आगे कहा कि अगर राजनीतिक दल मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक या अपनी संपत्ति समझते हैं तो आगामी चुनावों में उन्हें जवाब दिया जाएगा.'बीजेपी को हराना मकसद, लेकिन इसे कमजोरी न समझें' AIMIM प्रमुख असुदुद्दीन ओवैसी ने दो टूक शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार बीजेपी की सरकार (Third Consecutive Term for BJP) किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए. भगवा पार्टी को सत्ता की कुर्सी से बेदखल करने के लिए उन्होंने सपा और विपक्षी गठबंधन को हाथ बढ़ाने का गठबंधन प्रस्ताव दिया था. हालांकि, ओवैसी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस प्रस्ताव को उनकी पार्टी की कमजोरी या मजबूरी बिल्कुल नहीं समझा जाना चाहिए.सपा प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को चेतावनी देते हुए ओवैसी ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी उनके इस हाथ को ठुकराती है, तो AIMIM उत्तर प्रदेश की सियासत में अपने दम पर चुनाव लड़ने का दम रखती है. उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा, "यह हमारी कमजोरी नहीं, बल्कि हमारी राजनीतिक ताकत की निशानी है. अगर आप हमारा साथ ठुकराते हैं, तो समाजवादी पार्टी यह अच्छी तरह सुन ले कि यह हाथ बहुत ताकतवर है।"'मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक समझा गया'सपा और अन्य पार्टियों पर तीखा हमला बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि देश और उत्तर प्रदेश के 20 Crore Muslims किसी की राजनीतिक बपौती नहीं हैं. पिछले 70-75 वर्षों से मुख्यधारा की पार्टियों ने समुदाय के अधिकारों की अनदेखी की है और उन्हें केवल वोट बैंक की राजनीति (Vote Bank Politics) के रूप में इस्तेमाल किया है.ओवैसी ने तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि हाल ही में आंखों के सामने मदरसे बंद (Madrasas Sealed) किए गए और राज्य में कई मदरसों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें गिरा दिया गया, लेकिन उस मुश्किल वक्त में समाजवादी पार्टी या अन्य धर्मनिरपेक्ष दल पीड़ितों की मदद के लिए आगे क्यों नहीं आए? उन्होंने आरोप लगाया कि इन राजनीतिक दलों को कभी भी मुसलमानों के दर्द से सरोकार नहीं रहा, इन्हें सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम वोटों (Muslim Votes) से प्यार है.'दलितों और शोषितों के न्याय की लड़ाई'अपनी पार्टी के स्टैंड को स्पष्ट करते हुए AIMIM प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ एक विशेष वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि AIMIM राज्य के दलित, पिछड़े वर्ग के अधिकारों और न्याय के लिए पुरजोर आवाज उठाती है.ये भी पढ़ें- CEC ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी की- राहुल गांधीउन्होंने समाजवादी पार्टी और अपनी पार्टी के बीच का बुनियादी अंतर समझाते हुए कहा कि जहां अन्य दल सिर्फ सत्ता की मलाई खाना चाहते हैं और मुसलमानों को कमजोर रखना चाहते हैं, वहीं उनकी पार्टी समाज के हर उस शख्स के साथ खड़ी है जिसे हक और इंसाफ से महरूम रखा गया है. आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले ओवैसी के इस कड़े रुख ने उत्तर प्रदेश के Muslim Voter Base को एक नया विकल्प देने की बात पुख्ता कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के चुनावोंं (UP Politics) के समीकरण और अधिक रोचक होने की पूरी संभावना है.

breaking

सिर्फ 20 रुपए के लिए कर दी हत्या, मामूली बात पर हुआ था विवाद

नागपुर, महाराष्ट्र|Vivek
सिर्फ 20 रुपए के लिए कर दी हत्या, मामूली बात पर हुआ था विवाद

कभी-कभी गुस्सा इंसान पर इस कदर हावी हो जाता है कि वो किसी की जान लेने को भी उतारू हो जाता है. कुछ मिनटों के गुस्से में इंसान अपनी समझ खो बैठता है और वो कदम उठा देता है जिसके लिए उसे सारी उम्र पछताना पड़ जाता है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है. महाराष्ट्र के नागपुर से जहां सिर्फ 20 रुपए के लिए एक बुजुर्ग की हत्या कर दी गई. बातचीत से शुरू हुए इस झगड़े ने एक घिनौना रूप ले लिया और आरोपी ने आव देखा ना ताव एक बुजुर्ग को पीट-पीटकर कर मार डाला. ये पूरा मामला है नागपुर के बुटीबोरी इलाके का, जहां चप्पल की सिलाई के पैसों को लेकर विवाद हुआ था. पहले केवल जहां बहस हो रही थी तभी इस बहस ने घिनौना रूप ले लिया और एक बुजुर्ग की हत्या कर दी गई.क्या थी पूरी घटना और कैसे शुरू हुआ विवाद?पुलिस सूत्रों और Investigative Details के मुताबिक, बीते शनिवार को Accused Dilip Pawar (35) अपनी टूटी हुई चप्पल ठीक करवाने के लिए स्थानीय मोची की दुकान पर पहुंचा था. मोची ने पूरी ईमानदारी से चप्पल ठीक करने का काम किया (Footwear Repairing). जब Payment Time आया, तो दिलीप ने महज 20 रुपए देने से साफ इनकार कर दिया और मोची के साथ बहस करने लगाउसी दुकान परजयसिंह राजाराम भैंसवार (76) भी किसी काम से मौजूद थे. जब उन्होंने देखा कि काम पूरा हो चुका है, तो उन्होंने आरोपी दिलीप को समझाने की कोशिश की और कहा कि काम होने के बाद 20 Rupees चुका देना चाहिए. बुजुर्ग की यह नसीहत आरोपी को इतनी नागवार गुजरी कि उसने बुजुर्ग से ही बहस शुरू कर दी.गुस्से में उठाया गया खौफनाक कदम और हत्यासिर्फ 20 रुपए के लिए कर दी हत्या, मामूली बात पर हुआ था विवाद देखते ही देखते यह मौखिक बहस एक हिंसक झड़प में बदल गई. गुस्से में अंधे हो चुके दिलीप पवार ने अपना आपा खो दिया और दुकान पर ही रखा मोची का एक Iron Triangular Tool (लोहे का त्रिकोना औजार) उठा लिया. बिना कुछ सोचे-समझे उसने बुजुर्ग जयसिंह के सिर पर उस घातक औजार से जोरदार हमला कर दिया.यह जानलेवा हमला इतना खतरनाक था कि 76 वर्षीय बुजुर्ग संभल भी नहीं पाए और खून से लथपत हालत में वहीं जमीन पर अचेत होकर गिर पड़े. अचानक हुए इस हमले से आसपास के प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय दुकानदारों में हड़कंप मच गया.बुजुर्ग ने अस्पताल में तोड़ा दमघटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल बुजुर्ग को संभाला और उन्हें तुरंत इलाज के लिए AIIMS Nagpur पहुंचाया. डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सिर पर गंभीर चोट लगने और ज्यादा खून बहने के कारण इलाज के दौरान बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई. इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही Butibori Police तुरंत हरकत में आई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया और आरोपी दिलीप पवार को कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.ये भी पढ़ें- CEC Gyanesh Kumar Protest दिल्ली में घमासान, मुंबई में उत्सवकानूनी कार्रवाई और इलाके में दहशतफिलहाल आरोपी पुलिस की Police Custody में सलाखों के पीछे है और पुलिस इस मामले में तमाम सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए उसे जल्द ही कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है. इस जघन्य अपराध के बाद से पूरे बुटीबोरी इलाके में सनसनी और डर का माहौल है. लोग इस बात पर हैरान हैं कि समाज में सहनशीलता इस हद तक कैसे कम हो गई है कि मामूली 20 रुपए के विवाद में किसी की कीमती जान छीन ली गई. यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि कैसे क्रोध पर नियंत्रण खोना किसी के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है.

breaking

CEC Gyanesh Kumar Protest दिल्ली में घमासान, मुंबई में उत्सव

नई दिल्ली|Ushnish Sharma
CEC Gyanesh Kumar Protest दिल्ली में घमासान, मुंबई में उत्सव

'Delhi Is a Warzone, Mumbai a Concert': मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दो अलग रंग; दिल्ली में भारी धरपकड़, मुंबई में संगीत और उत्सवमुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar) के इस्तीफे और वोटर लिस्ट पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में एक ही दिन बड़े प्रदर्शन देखने को मिले। Scroll.in की रिपोर्ट के अनुसार, जहां दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस बलप्रयोग और 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के बाद माहौल तनावपूर्ण रहा, वहीं मुंबई के शिवाजी पार्क में 10 हजार से अधिक लोग गीतों, मीम्स और उत्सव जैसे माहौल के साथ विरोध दर्ज कराने पहुंचे।दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का माहौल कैसा रहा?राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली:Mass Detentions: जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से दिल्ली पुलिस ने छात्र संगठनों (AISA, SFI, NSUI) और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं सहित 700 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। Police Crackdown: दिल्ली में बैरिकेडिंग और भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण प्रदर्शन स्थल किसी 'वॉरज़ोन' की तरह नजर आया, जहां से युवाओं को जबरन बसों में भरकर ले जाया गया। Lack of Political Mass Mobilization: प्रदर्शन में शामिल युवाओं का मानना था कि अगर विपक्षी दल जमीन पर उतरकर इसका नेतृत्व करते, तो दिल्ली की सड़कों पर जनसैलाब और बड़ा हो सकता था। Protests against CEC Gyanesh Kumar मुंबई के शिवाजी पार्क में विरोध का अनोखा अंदाज़ कैसा था?इसके विपरीत, मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party - CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन ने उत्सव का रूप ले लिया: Festive Energy: शिवाजी पार्क में एकत्र हुए 10,000 से अधिक लोगों की भीड़ में हर उम्र के नागरिक शामिल हुए, जो हाथों में तिरंगा और राजनीतिक व्यंग्य वाले पोस्टर लिए हुए थे। Musical Resistance: बॉलीवुड संगीतकार और गायक विशाल ददलानी ने मंच पर आकर 'रंग दे बसंती चोला' गाकर प्रदर्शनकारियों में नया जोश भरा। Sweets for Police: मुंबई में प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को मिठाइयां बांटीं, जिससे माहौल काफी शांतिपूर्ण और अनूठा बना रहा। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से इस्तीफे की मांग क्यों कर रहे हैं?प्रदर्शन में शामिल आम नागरिकों, छात्रों और टैक्स चालकों की मुख्य चिंताएं चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता को लेकर हैं:Electoral Roll Irregularities: चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। EVM and System Audit: मुंबई के शिवाजी पार्क पहुंचे कई नागरिकों ने मतपत्रों (Ballot Papers) की वापसी की मांग करते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) पर अविश्वास जताया। Democracy Under Threat: प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं (शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार) से ध्यान भटकाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने के खिलाफ यह विरोध एक महत्वपूर्ण नागरिक पहल है।ये भी पढ़ें- लड़के से लड़की बनना चाहता था, मना करने पर कर दी मां की हत्या

breaking

flydubai Attack: कॉकपिट में क्रैश कुल्हाड़ी से हुआ था हमला

नई दिल्ली|Ushnish Sharma
flydubai Attack: कॉकपिट में क्रैश कुल्हाड़ी से हुआ था हमला

flydubai Incident: यूएई का बड़ा खुलासा, कॉकपिट की इमरजेंसी 'क्रैश कुल्हाड़ी' (Crash Axe) से किया गया था भारतीय कैप्टन पर हमला; आतंकी साजिश के तहत हुई थी वारदातदुबई से तेल अवीव जा रही flydubai flight FZ1073 में हुए मिड-एयर हादसे में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अटॉर्नी जनरल ने बड़ा खुलासा किया है। यूएई जांच अधिकारियों और द गार्जियन (The Guardian) की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान मूल के सह-पायलट ने कॉकपिट में रखी इमरजेंसी क्रैश कुल्हाड़ी (crash axe) से भारतीय कैप्टन Smit Machchhar पर हमला किया था। इस घटना को यूएई और इजरायली अधिकारियों ने एक सुनियोजित आतंकी हमला (terrorist attack) करार दिया है। कॉकपिट के भीतर हमले के लिए 'क्रैश कुल्हाड़ी' का इस्तेमाल कैसे हुआ?जांच रिपोर्ट के अनुसार, विमान में किसी भी आपात स्थिति या आगजनी के दौरान फ्यूजलेज तोड़ने के लिए कॉकपिट में एक emergency crash axe रखी होती है: Weapon of Choice: आरोपी को-पायलट हमाम अल-हममी ने उड़ान के दौरान इसी भारी-भरकम क्रैश कुल्हाड़ी को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया और अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर वार कर दिया। Sudden Plunge: हमले के दौरान सह-पायलट ने विमान का नियंत्रण छीनकर उसे तेजी से नीचे (steep descent) गिराने का प्रयास किया, जिससे यात्री और केबिन क्रू दहशत में आ गए। Prime Minister Narendra Modi spoke via video call, with Captain Smit Machchhar भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने कैसे बचाई 180 यात्रियों की जान?गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद 38 वर्षीय भारतीय कैप्टन Smit Machchhar ने अदम्य साहस का परिचय दिया:Unlocking Cockpit Door: कैप्टन ने शरीर में बची आखिरी ताकत का इस्तेमाल करते हुए अंदर से कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक कर दिया।Passengers and Crew Intervention: दरवाजा खुलते ही प्लंबर यानिव हयून और अन्य यात्रियों व केबिन क्रू सदस्यों ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को दबोच लिया और उसका गला घोंटकर (chokehold) उसे काबू में किया।Safe Landing by Reserve Pilots: इसके बाद विमान में सवार दो रिजर्व पायलटों ने विमान की कमान संभाली और सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई।ये भी पढ़ें- लड़के से लड़की बनना चाहता था, मना करने पर कर दी मां की हत्या जांच में आरोपी को-पायलट को लेकर क्या-क्या बड़े खुलासे हुए हैं?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अस्पताल में वीडियो कॉल के दौरान बातचीत में कैप्टन स्मित मच्छार ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की। जांच में सामने आई मुख्य बातें: Extremist Background: यूएई और अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी को-पायलट चरमपंथी विचारधारा (radicalization) से प्रभावित था और उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स से संदिग्ध सामग्रियां मिली हैं।Oman Travel Restrictions: रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि आरोपी को उसकी कट्टरपंथी गतिविधियों के कारण ओमान में उड़ान भरने से प्रतिबंधित किया गया था।Multi-National Investigation: फिलहाल आरोपी यूएई पुलिस की कस्टडी में है, और यूएई, इजरायल व अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से इस आतंकी साजिश की तह तक जाने में जुटी हैं।

breaking

LPU Violence Case: 4 FIR दर्ज, 3 आरोपी पुलिस रिमांड पर

नई दिल्ली|Ushnish Sharma
LPU Violence Case: 4 FIR दर्ज, 3 आरोपी पुलिस रिमांड पर

LPU Violence Case: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, 4 FIR दर्ज; 3 आरोपी पुलिस रिमांड पर भेजे गएपंजाब के फगवाड़ा स्थित Lovely Professional University (LPU) में बीते दिनों हुई हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में फगवाड़ा पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने उपद्रव, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और राजमार्ग जाम करने के आरोप में 4 अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड (police remand) पर भेज दिया गया है। कोर्ट में पेश किए गए आरोपी कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?फगवाड़ा पुलिस द्वारा अदालत में पेश किए गए तीनों आरोपियों की पहचान उजागर कर दी गई है:James Dahiya: सोनीपत (हरियाणा) का रहने वाला एलपीयू (LPU) का छात्र। Gagan and Kamal: दोनों फगवाड़ा के स्थानीय निवासी हैं। पुलिस का आरोप है कि ये आरोपी कैंपस में भीड़ को भड़काने, दुकानों में तोड़फोड़ करने और जालंधर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) को अवरुद्ध करने वाली उपद्रवी भीड़ का हिस्सा थे। अदालत ने मामले की गहन जांच और अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजा है। पुलिस ने किन-किन धाराओं के तहत दर्ज की हैं 4 अलग-अलग FIR? यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए फगवाड़ा पुलिस ने अलग-अलग शिकायतों पर कानूनी कार्रवाई की है:Public Property Damage: उपद्रवियों के खिलाफ Prevention of Damage to Public Property Act के साथ-साथ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।CCTV and Video Evidence: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिंसा के दौरान तोड़फोड़ करने वाले चेहरों की पहचान सीसीटीवी फुटेज (CCTV footage) और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के जरिए की जा रही है। Additional Charges Likely: जांच अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच में नए तथ्य सामने आने के आधार पर FIR में और भी कानूनी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।LPU कैंपस में वर्तमान स्थिति क्या है और जांच कहां तक पहुंची है? दुष्कर्म और आत्महत्या की अफवाहों (false rumours) के बाद भड़की इस हिंसा की जांच के लिए गठित Special Investigation Team (SIT) तेजी से कार्रवाई कर रही है।ये भी पढ़ें- Asian Games 2026: भारत ने श्रीलंका को 124 रन से रौंदा Strict Monitoring: पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और उपद्रवियों को चिन्हित किया जा रहा है। Classes Suspended: एहतियात के तौर पर यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कक्षाओं को स्थगित कर रखा है और छात्रों को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि झूठी अफवाहें फैलाकर शांति भंग करने वाले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

breaking

Punjab CM Bhagwant Mann: 36.87 लाख महिलाओं को ₹1262 करोड़

नई दिल्ली|Ushnish Sharma
Punjab CM Bhagwant Mann: 36.87 लाख महिलाओं को ₹1262 करोड़

'मावां धियां सत्कार योजना': पंजाब के सीएम भगवंत मान ने 36.87 लाख महिलाओं के खातों में ट्रांसफर किए ₹1,262 करोड़, विपक्ष पर भी बोला हमलापंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने राज्य की महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से 'Mawan Dhiyan Satkar Yojana' की दूसरी किस्त जारी कर दी है। तरनतारन जिले के ऐतिहासिक स्थल Goindwal Sahib में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान सीएम मान ने बटन दबाकर सीधे 36.87 लाख से अधिक लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में ₹1,262 करोड़ की राशि ट्रांसफर की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और जन कल्याणकारी योजनाओं को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। 'मावां धियां सत्कार योजना' के तहत लाभार्थियों को कितनी आर्थिक सहायता दी जा रही है?पंजाब सरकार द्वारा महिलाओं को सीधा वित्तीय लाभ पहुंचाने के लिए इस योजना के तहत वित्तीय सहायता को श्रेणियों में बांटा गया है: General Category Beneficiaries: सामान्य वर्ग से संबंधित लाभार्थी महिलाओं को 3 महीनों की सहायता राशि के रूप में ₹3,000 जारी किए गए हैं। Scheduled Caste (SC) Beneficiaries: अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी की महिलाओं के खातों में ₹4,500 हस्तांतरित किए गए हैं। No Single-Member Limit: सीएम मान ने स्पष्ट किया कि एक ही परिवार की कई पात्र महिलाएं भी इस योजना का व्यक्तिगत लाभ उठा सकती हैं। इस किस्त के बाद योजना के तहत अब तक कुल 73.99 लाख से अधिक पंजीकृत महिलाओं को ₹2,562 करोड़ से अधिक का लाभ दिया जा चुका है।ये भी पढ़ें- Asian Games 2026: भारत ने श्रीलंका को 124 रन से रौंदा शिक्षा और सरकारी उपलब्धियों को लेकर सीएम भगवंत मान ने क्या कहा?गोइंदवाल साहिब में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधारों को रेखांकित किया: NEET Exam Success: सीएम मान ने बताया कि पहले पंजाब से केवल 80 बच्चे NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर पाते थे, लेकिन सरकारी कोचिंग सुविधाओं के कारण इस वर्ष 882 छात्रों ने NEET परीक्षा पास की है। Smart Classrooms & Teacher Training: उन्होंने दावा किया कि पंजाब ने स्मार्ट क्लासरूम स्थापित करने और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रदान करने के मामले में केरल जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।Public Revenue Back to People: सीएम मान ने कहा कि जनता के टैक्स का पैसा सीधे कल्याणकारी योजनाओं, मुफ्त बिजली (300 यूनिट), रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास के जरिए वापस जनता तक पहुंचाया जा रहा है।विपक्षी दलों और पंजाब कांग्रेस पर मुख्यमंत्री ने क्या तंज कसा?2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियों के बीच भगवंत मान ने विपक्षी दलों (Congress, SAD, BJP) पर जमकर निशाना साधा: Congress Leadership Crisis: पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी पर चुटकी लेते हुए सीएम ने कहा कि "कांग्रेस के पास कार्यकर्ताओं की कमी है, लेकिन मुख्यमंत्री पद के दावेदार नेता भरे पड़े हैं"।Opposition Base: उन्होंने दावा किया कि आज राज्य के पूरे विपक्ष के पास कुल मिलाकर 25 मजबूत नेता भी नहीं बचे हैं। सीएम मान ने आश्वासन दिया कि जब तक आम आदमी पार्टी की सरकार है, महिलाओं को सत्कार राशि के मैसेज ("Tunn-Tunn" मोबाइल अलर्ट) नियमित रूप से मिलते रहेंगे।

breaking

Pilot Attack कॉकपिट में हमलावर पायलट को कैसे मिली क्लीयरेंस?

नई दिल्ली|Ushnish Sharma
Pilot Attack कॉकपिट में हमलावर पायलट को कैसे मिली क्लीयरेंस?

Cockpit Attack Row: flydubai फ्लाइट में कैप्टन पर हमला करने वाले को-पायलट को कैसे मिली फ्लाइंग क्लीयरेंस? सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवालदुबई से तेल अवीव जा रही flydubai flight FZ1073 के कॉकपिट में ओमान मूल के सह-पायलट (co-pilot) द्वारा भारतीय कैप्टन Smit Machchhar पर किए गए जानलेवा हमले की घटना ने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन जगत को हिलाकर रख दिया है। विमान की सऊदी अरब के तबुक (Tabuk) एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद अब एयरलाइंस की hiring process, security vetting और पायलटों की मानसिक स्वास्थ्य जांच प्रणाली को लेकर वैश्विक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।flydubai की मिड-एयर कॉकपिट घटना के दौरान क्या-क्या हुआ?फ्लाइट डेटा और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोइंग 737 मैक्स 8 विमान में उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर हिंसक झड़प हुई:Plunge in Air: हमले के दौरान विमान महज कुछ सेकंड में हजारों फीट नीचे आ गया, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया।Heroic Defense: गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार और केबिन क्रू व यात्रियों (जिनमें रिजर्व पायलट भी शामिल थे) ने साहस दिखाते हुए हमलावर को काबू में किया।Emergency Landing: विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर उतारा गया, जिससे 174 यात्रियों की जान बच सकी।संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय रूट्स के लिए पायलटों को कैसे मिलती है क्लीयरेंस?अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) और विभिन्न एयरलाइंस के कड़े नियमों के बावजूद इस तरह की चूक पर विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं:Background Check: व्यावसायिक उड़ानों के लिए पायलटों को खुफिया एजेंसियों और नागरिक उड्डयन प्राधिकरणों से आपराधिक व सुरक्षा क्लीयरेंस पाना अनिवार्य होता है।Psychological Evaluation: नियमित अंतराल पर पायलटों का mental health assessment और व्यवहारिक मूल्यांकन किया जाता है।Security Protocols: मध्य पूर्व और इजरायल जैसे कूटनीतिक रूप से संवेदनशील हवाई मार्गों (air corridors) पर उड़ान भरने वाले क्रू मेंबर्स के लिए अतिरिक्त स्तर की जांच की जाती है।ये भी पढ़ें- Asian Games 2026: भारत ने श्रीलंका को 124 रन से रौंदाघटना के बाद कौन-कौन सी जांच शुरू की गई है?इस भयावह घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अंतरराष्ट्रीय उड्डयन निकायों ने व्यापक जांच शुरू कर दी है:Investigation into Terror Link: यूएई प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस हमले के पीछे कोई आतंकवादी साजिश या कट्टरपंथी सोच (radicalization) जिम्मेदार थी।Cockpit Safety Audit: कॉकपिट के भीतर मौजूद सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन कुल्हाड़ी (crash axe) के दुरुपयोग को देखते हुए कॉकपिट एक्सेस नियमों की समीक्षा की जा रही है।Pilots Screening Overhaul: इजरायल और अन्य देशों के उड्डयन प्राधिकरणों ने अपनी सीमाओं में प्रवेश करने वाली विदेशी एयरलाइंस के पायलटों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा जांच प्रक्रिया को और अधिक कड़ा करने का निर्देश दिया है।

breaking

Asian Games 2026: भारत ने श्रीलंका को 124 रन से रौंदा

नई दिल्ली|Ushnish Sharma
Asian Games 2026: भारत ने श्रीलंका को 124 रन से रौंदा

Asian Games 2026: ईशान किशन का तूफान और गेंदबाजों का कहर, श्रीलंका को 124 रन से रौंदकर फाइनल में पहुंचा भारत; पाकिस्तान से होगा गोल्ड मेडल मुकाबलाजापान के निशिन स्थित Korogi Sports Park में खेले गए Asian Games 2026 पुरुष क्रिकेट स्पर्धा के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने श्रीलंका को 124 रनों से करारी शिकस्त दी। विकेटकीपर-बल्लेबाज Ishan Kishan की नाबाद 80 रनों की आतिशी पारी और गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के दम पर भारत ने फाइनल (Gold Medal Match) में प्रवेश कर लिया है, जहां उसका मुकाबला प्रतिद्वंद्वी Pakistan से होगा।भारत की पारी में ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी का क्या योगदान रहा?टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत काफी खराब रही और सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (7) व संजू सैमसन (7) महज 24 के स्कोर तक पवेलियन लौट गए।Vaibhav Sooryavanshi Cameo: युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने 21 गेंदों में 38 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर शुरुआती दबाव को कम किया।Ishan Kishan Knock: पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे Ishan Kishan ने कठिन और टर्निंग पिच पर जिम्मेदारी संभाली। ईशान ने 46 गेंदों में 4 चौकों और 5 छक्कों की मदद से नाबाद 80 रन की तूफानी पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट पर 169 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।श्रीलंका की बल्लेबाजी क्यों ढही और भारतीय गेंदबाजों का कैसा प्रदर्शन रहा?170 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय स्पिन और पेस के मिश्रित आक्रमण के सामने ताश के पत्तों की तरह ढह गई:Pace Blow by Bumrah: स्टार तेज गेंदबाज Jasprit Bumrah ने अपने शुरुआती ओवर में ही दो झटके देकर श्रीलंका का शीर्ष क्रम ध्वस्त कर दिया।Spin Web: इसके बाद अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और अभिषेक शर्मा ने फिरकी का ऐसा जाल बुना कि श्रीलंका की पूरी टीम 9.5 ओवर में महज 45 रन पर सिमट गई।Lowest T20I Total: यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में श्रीलंका का अब तक का सबसे न्यूनतम स्कोर है। टीम के लिए केवल नुवानिदु फर्नांडो ही दोहरे अंक (10+ रन) तक पहुंच सके।ये भी पढ़ें- -प्रेमानंद महाराज के शिष्य ने की क्यों की आत्महत्या, जाने पूरा मामलाAsian Games 2026 Gold Medal Match कब और किसके बीच खेला जाएगा?श्रीलंका को एकतरफा अंदाज में हराने के बाद भारतीय टीम अब स्वर्ण पदक की रेस में शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को Pakistan के आमने-सामने होगी। पाकिस्तान ने पहले सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेश को मात देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। फैंस को अब एशियन गेम्स में भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज गोल्ड मेडल मैच का बेसब्री से इंतजार है।

breaking

Suicide Case- 'मेरी मौत की जिम्मेदार मेरी पत्नी है', लड़कों से बात करती थी

ग्रेटर नोएडा|Vivek
Suicide Case- 'मेरी मौत की जिम्मेदार मेरी पत्नी है', लड़कों से बात करती थी

कभी-कभी रिश्तों में विचारों का ना मिलना रिश्ते टूटने का मुख्य कारण बनता है और कभी-कभी मौत की वजह तक बन जाता है. ऐसा ही एक मामले ने सबको हैरान और परेशान कर दिया. जहां विचारों के मतभेद और पसंद-नापंसद के बीच एक शख्स ने अपनी जान तक दे दी. दरअसल, ये पूरा मामला है ग्रेटर नोएडा का. जहां एक डिलीवरी ब्वॉय ने मौत को गले लगा लिया और आत्महत्या करने से पहले एक वीडियो तक बनाया. जिसमें उसने अपनी मौत की वजह किसी बाहरी शख्स को नहीं बल्कि अपनी पत्नी को बताया.पत्नी पर प्रताड़ित करने का आरोपबता दें कि बिसरख थाना क्षेत्र के मिल्क लच्छी गांव के 25 वर्षीय युवक ने आत्महत्या कर ली और अपनी पत्नी पर उसने प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप तक लगाए. युवक ने आत्महत्या करने से पहले वीडियो बनाकर अपनी पत्नी पर ये आरोप जड़े हैं.7 महीने पहले हुई थी लव मैरिजमृतक की पहचान अजय सिंह क रूप में हुई है जोकि कानपुर देहात का रहने वाला था और ग्रेटर नोएडा में ऑनलाइन डिलीवरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था और एक किराए के मकान में अपनी पत्नी के साथ रहता था. 9 फरवरी को उसने लव मैरिज की थी. लेकिन दोनों के बीच काफी लंबे समय से विवाद चल रहा था. अजय ने सुसाइड करने से पहले बनाए गए वीडियो में कई परेशानियों का जिक्र किया और अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपनी पत्नी से मानसिक रूप से परेशान था. कई बार समझाने के बाद भी उसकी पत्नी कहना नहीं मानती थी. अजय ने बताया कि उसकी पत्नी शादी के बाद भी दूसरे लड़कों से बात करती थी और इसी को लेकर दोनों में कई बार बहस भी हुई लेकिन उसकी पत्नी ने कहना नहीं माना. अजय ने दावा किया कि उसने अपनी पत्नी के मोबाइल में कॉल हिस्ट्र्री चैक की थी. जिसमें उसने कई लड़कों से बात की थी. जब इस बात को लेकर दोनों के बीच बात हुई तो मामला गरमा गया और गाली-गलौच तक भी हुई. अजय ने बताया कि वो इन परेशानियों के चलते ही काफी प्रताड़ित हो रहा था. वहीं वीडियो को आधार बनाकर पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई है. पुलिस अजय की वीडियो में सभी आरोपों को लेकर गंभीरता से जांच पड़ताल करेगी. Greater Noida Suicide Case Investigation अजय की मौत की सूचना के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्यों को जुटाया गया साथ ही उसके परिजनों को इस बारे में जानकारी दी गई. अजय की मौत की खबर के बाद से परिवार में मातम का माहौल है और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. वहीं बिसरख थाना प्रभारी रणजीत सिंह का कहना है कि इस मामले में हर पहलू से जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.प्रेम विवाह के कुछ महीनों बाद ही बिखरा आशियानाबिसरख थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई इस दर्दनाक घटना ने प्रेम विवाह (Love Marriage) की पवित्रता और आपसी विश्वास पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज सात महीने पहले जिस जोड़े ने एक साथ जिंदगी बिताने के सात फेरे लिए थे या कसमें खाई थीं, उनका अंत इस तरह से होगा, किसी ने नहीं सोचा था। अजय सिंह नाम के इस युवा डिलीवरी ब्वॉय की आत्महत्या ने आसपास के पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अजय काफी मेहनती युवक था जो दिन-रात ऑनलाइन डिलीवरी का काम करके अपनी पत्नी की हर जरूरत को पूरा करने की कोशिश करता था, लेकिन घरेलू कलह और मानसिक तनाव ने उसकी खुशियों को लील लिया।ये भी पढ़ें- प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बदले नियम, अब दर्शन करने पर भी पड़ेगा असरमृतक अजय द्वारा अपनी जान देने से ठीक पहले रिकॉर्ड किया गया वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अजय काफी आहत और मानसिक रूप से टूटे हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपनी पत्नी पर बेवफाई और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद गंभीर हैं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और स्थानीय पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि वीडियो में कही गई बातें कितनी सच हैं। पुलिस तकनीकी टीम की मदद से मृतका की पत्नी के कॉल रिकॉर्ड, चैट्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगालने में जुटी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद की असल जड़ क्या थी और क्या वाकई कोई थर्ड पार्टी एंगल इस आत्महत्या के पीछे जिम्मेदार है।परिवार का रो-रोकर बुरा हाल, न्याय की गुहारघटना की सूचना मिलने के बाद कानपुर देहात से ग्रेटर नोएडा पहुंचे अजय के माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार वालों का आरोप है कि उनकी बहू की हरकतों और जिद्दी रवैये के कारण उनके बेटे ने यह खौफनाक कदम उठाया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में गहनता से जांच की जाए और मृतका की पत्नी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।

breaking

प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बदले नियम, अब दर्शन करने पर भी पड़ेगा असर

मथुरा-वृंदावन|Vivek
प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बदले नियम, अब दर्शन करने पर भी पड़ेगा असर

प्रेमानंद महाराज आज देश और दुनिया में प्रसिद्ध हैं. दूर-दूर से करोड़ों भक्त उनके दर्शन के लिए मथुरा-वृंदावन पहुंचते हैं. ऐसे में उनके शिष्य की मौत के बाद हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है. कई लोगों के मन में कई सवाल हैं और मौत की असली वजह को लेकर पुलिस जांच करने में जुटी है. लेकिन इसी बीच खबर सामने आ रही है कि प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत के बाद आश्रम में कई व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव किए गए हैं. जिसका पालन अब सख्ती के साथ किया जाएगा.मिली जानकारी के अनुसार केली कुंज आश्रम में दीक्षा देने का कार्यक्रम अनिश्चतकाल के लिए अब बंद होगा. पहले आश्रम में भक्तों को दीक्षा दी जाती थी लेकिन अब ऐसा बिल्कुल नहीं होगा. इसके साथ ही पहले एक ओर जहां टोकन के जरिए दर्शन होते थे. वहीं अब इस नियम में भी बदलाव हुआ है. अब टोकन के जरिए होने वाले दर्शनों पर भी रोक लगी है. वहीं यमुना विहार कुंज बेलवान स्थित आश्रम में जहां दीक्षित भक्तों को दर्शन की व्यवस्था मिल रही थी, वहां भी अब दर्शन बंद कर दिए गए हैं.सेवादारों ने दी भक्तों को अहम जानकारीनियमों में बदलाव को लेकर आश्रम में सेवा दे रहे सेवादारों की ओर से जानकारी साझा की गई है ताकि भक्तों को किसी तरह की उलझन ना हो. इसके साथ हीफिलहाल आश्रम पहुंचने वाले भक्तों के लिए पहले जैसी व्यवस्था नहीं रहेगी. साधारण शब्दों में कहा जाए तो अब नए भक्तों को दीक्षा देने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी. हालांकि अभी तक ये सामने नहीं आया है कि ये रोक कब तक के लिए लगाई गई है. अभी इसे अनिश्चितकालीन रोक के तौर पर माना जा रहा है. Premanand Maharaj Ashram Changes Rules टोकन के जरिए दर्शन भी बंदइसके साथ ही टोकन के जरिए होने वाले दर्शन भी अनिश्चितकाल के लिए बंद हुए हैं. दरअसल, बड़ी संख्या में भक्त आश्रम में पहुंचे थे और उन्हें टोकन के जरिए दर्शन प्राप्त होते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. टोकन व्यवस्था को पूरे तरीके से बंद कर दिया गया है. नए बदलावों के कारण प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने वाले भक्तों में निराशा है और उनकी ये इच्छा है कि जल्द से जल्द पहली जैसी व्यवस्था की जाए.दीक्षित भक्तों के लिए भी दर्शन व्यवस्था बंदआश्रम के सेवादारों ने एक ओर बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है. जिसके तहत यमुना विहार कुंज बेलवान वाले आश्रम में दीक्षित भक्तों के दर्शन की जो व्यवस्था चल रही थी, उसे भी बंद कर दिया गया है. इसके साथ ही सेवा व्यवस्था में लगे सेवादारों की वेशभूषा में भी बदलाव हुआ है. Premanand Maharaj Ashram Changes Rule आश्रम की सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्थाओं में भी हुआ कड़ा फेरबदलवृंदावन के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम में घटी इस अप्रत्याशित घटना के बाद से ही प्रशासनिक और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों की नजरें भी पूरी तरह से टिकी हुई हैं। शिष्यों और भक्तों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आश्रम समिति ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। अब आश्रम के मुख्य द्वारों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या अनुशासनहीनता से बचा जा सके। सेवादारों के पहनावे में किए गए बदलाव का मुख्य उद्देश्य आश्रम की गरिमा को बनाए रखना और बाहरी तथा आंतरिक व्यवस्था के बीच एक स्पष्ट पहचान स्थापित करना है।भक्तों में असमंजस और सोशल मीडिया पर चर्चा का बाजार गर्मघटना के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की अटकलें और चर्चाएं चल रही हैं। देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि भविष्य में उन्हें महाराज जी के दर्शन कैसे प्राप्त होंगे। केली कुंज आश्रम के बाहर अक्सर लंबी कतारें लगी रहती थीं, लेकिन नए नियमों के लागू होने के बाद से वहां सन्नाटा पसरा हुआ है या फिर केवल सीमित लोग ही नजर आ रहे हैं।भक्तों का कहना है कि वे आध्यात्मिक शांति और मार्गदर्शन के लिए वृंदावन आते हैं, और ऐसे में दीक्षा और दर्शन की प्रक्रिया बंद होने से उन्हें गहरा आघात लगा है। हालांकि, आश्रम प्रबंधन और सेवादार लगातार यह अपील कर रहे हैं कि भक्त किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और पुलिस जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखें।ये भी पढ़ें -प्रेमानंद महाराज के शिष्य ने की क्यों की आत्महत्या, जाने पूरा मामलापुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाईदूसरी ओर, इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस प्रशासन अपनी पूरी मुस्तैदी के साथ जांच-पड़ताल कर रहा है। फॉरेंसिक टीमों ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर एक पहलू की गहराई से छानबीन की जा रही है, चाहे वह आंतरिक कलह का मामला हो या फिर किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि का। जैसे ही जांच के निष्कर्ष सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आश्रम प्रबंधन ने भी पुलिस को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है ताकि सच्चाई जल्द से जल्द सबके सामने आ सके और इस घटना से जुड़ी सारी असमंजस की स्थिति दूर हो सके।

अंतर्राष्ट्रीय

9% छात्रों को आता है आत्महत्या का विचार, NTF सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े

नई दिल्ली|Vivek
9% छात्रों को आता है आत्महत्या का विचार, NTF सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े

देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों की मानसिक सेहत को लेकर एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित नेशनल टास्क फोर्स (NTF) के देशव्यापी सर्वे में पता चला है कि करीब 9 प्रतिशत छात्रों को अक्सर आत्महत्या का विचार आता है। वहीं, लगभग 34 प्रतिशत छात्रों ने माना कि वे अपने ही कैंपस में खुद को बाहरी या अलग-थलग महसूस करते हैं। यह सर्वे देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की मानसिक स्थिति, कैंपस के माहौल और प्रशासन के प्रति उनके भरोसे को समझने के उद्देश्य से किया गया है। इसमें 2.43 लाख से अधिक छात्रों के जवाब शामिल किए गए हैं। सर्वे में भाग लेने वाले करीब 67 प्रतिशत छात्र SC, ST और OBC वर्गों से थे। 15% छात्रों ने बताया- कई हफ्तों तक रहा तनाव और एंग्जाइटी सर्वे में छात्रों से पिछले छह महीनों के दौरान उनकी मानसिक स्थिति के बारे में भी सवाल किए गए। करीब 15 प्रतिशत छात्रों ने बताया कि इस अवधि में वे कभी न कभी बहुत ज्यादा तनाव या कई सप्ताह तक एंग्जाइटी से परेशान रहे। विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक रहने वाला तनाव और चिंता छात्र की पढ़ाई, सामाजिक जीवन और रोजमर्रा के व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में समय रहते छात्रों की समस्याओं को पहचानना और उन्हें उचित मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण हो जाता है। हालांकि, सर्वे में एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया है। करीब 56 प्रतिशत छात्रों ने कहा कि गंभीर समस्याओं को निष्पक्ष तरीके से सुलझाने के लिए उन्हें अपने संस्थान के प्रशासन पर भरोसा है। इससे पता चलता है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था पर विश्वास करते हैं। मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने गठित की थी NTF उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में नेशनल टास्क फोर्स का गठन किया था। इस टास्क फोर्स का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की मानसिक सेहत, आत्महत्या के कारणों और कैंपस में उनके सामने आने वाली चुनौतियों का अध्ययन करना है। टास्क फोर्स की अध्यक्षता जस्टिस एस. रवींद्र भट कर रहे हैं।NTF की विस्तृत रिपोर्ट 31 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट में पेश किए जाने की उम्मीद है। इस रिपोर्ट में छात्रों की मानसिक सेहत सुधारने और आत्महत्या के मामलों को रोकने के लिए कई उपाय सुझाए जाने की संभावना है। छात्रों में Suicide Risk के शुरुआती संकेत पहचानना जरूरी मनोवैज्ञानिक डॉ. जेपी अग्रवाल के अनुसार, छात्रों में आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सबसे पहले इसके शुरुआती संकेतों की पहचान करना जरूरी है। उनका मानना है कि कई बार छात्र अपनी परेशानियों के बारे में सीधे बात नहीं करते। ऐसे में उनके आसपास मौजूद शिक्षक, काउंसलर, हॉस्टल वार्डन और सहपाठी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर गेटकीपर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाने की जरूरत है। इसके तहत शिक्षकों, काउंसलरों और हॉस्टल वार्डन को छात्रों के व्यवहार में होने वाले बदलावों और मानसिक तनाव के संकेत पहचानने की ट्रेनिंग दी जा सकती है। छात्रों को भी इस तरह की ट्रेनिंग में शामिल किया जा सकता है। उन्हें तनाव, डिप्रेशन और आत्महत्या के जोखिम से जुड़े शुरुआती संकेतों को समझने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर अपने दोस्तों या सहपाठियों को सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करने की जानकारी दी जा सकती है। Tele-MANAS और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी जरूरी विशेषज्ञों ने छात्रों के बीच मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सरकारी सेवाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया है। छात्रों को Tele-MANAS हेल्पलाइन और Manhit ऐप जैसी सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की जरूरत बताई गई है। मानसिक स्वास्थ्य सहायता तक आसान पहुंच छात्रों को अपनी परेशानी के शुरुआती चरण में ही मदद लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। इसके अलावा कॉलेज और यूनिवर्सिटी में काउंसलिंग सेंटरों को अधिक प्रभावी और आसानी से उपलब्ध बनाने की जरूरत भी बताई जाती रही है। Suicide के पीछे कई कारण हो सकते हैं विशेषज्ञों के अनुसार, किसी छात्र की आत्महत्या के पीछे सिर्फ एक कारण जिम्मेदार हो, ऐसा जरूरी नहीं है। अलग-अलग मामलों में शैक्षणिक दबाव, पारिवारिक परिस्थितियां, आर्थिक परेशानी, व्यक्तिगत संबंध, अकेलापन, सामाजिक अलगाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं अलग-अलग भूमिका निभा सकती हैं।ये भी पढ़ें- पति के हाथ छोले-भटूरे देख भड़की पत्नी, कर दिया बुरा हाल इसीलिए छात्रों की आत्महत्या के मामलों को समझने के लिए Psychological Autopsy की व्यवस्था को अनिवार्य किए जाने की मांग भी सामने आई है। इसमें मृत्यु से पहले व्यक्ति की मानसिक स्थिति, व्यवहार में आए बदलाव और संभावित जोखिम कारकों का अध्ययन किया जाता है। ऐसे अध्ययन भविष्य में आत्महत्या के जोखिम को पहचानने और रोकथाम के लिए बेहतर नीतियां तैयार करने में मदद कर सकते हैं। 11 साल में Higher Education में दाखिले बढ़े देश में पिछले एक दशक से अधिक समय में उच्च शिक्षा में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार, 2011 से 2022 के बीच उच्च शिक्षा में छात्रों की संख्या 2.92 करोड़ से बढ़कर 4.33 करोड़ हो गई। इसी अवधि में उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों में आत्महत्या की दर भी बढ़ी। प्रति एक लाख छात्रों पर आत्महत्या की दर 26.37 से बढ़कर 30.02 हो गई। इन आंकड़ों के बीच विशेषज्ञों के लिए यह सवाल महत्वपूर्ण है कि उच्च शिक्षा के विस्तार के साथ छात्रों को मिलने वाली मानसिक स्वास्थ्य सहायता और संस्थागत सहयोग को किस तरह मजबूत किया जाए। IIT Bombay में छात्र की मौत के बाद कैंपस में प्रदर्शन छात्र आत्महत्या का मुद्दा सितंबर 2026 में IIT बॉम्बे के एक मामले के बाद भी चर्चा में रहा। 18 सितंबर 2026 की शाम IIT बॉम्बे के हॉस्टल में सेकेंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे की मौत हो गई। वह महाराष्ट्र के यवतमाल का रहने वाला था और एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, साहिल को परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। उस पर क्वेश्चन पेपर की तस्वीर चैटजीपीटी पर अपलोड कर नकल करने की कोशिश करने का आरोप था। Mental Health Survey छात्र की मौत के बाद कैंपस में करीब 400 छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना ने एक बार फिर उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुशासन, परीक्षा व्यवस्था और छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर चर्चा को तेज किया। Mental Health को Higher Education का अहम हिस्सा बनाने की जरूरत NTF के सर्वे से सामने आए आंकड़े बताते हैं कि उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की मानसिक सेहत को लेकर व्यापक स्तर पर काम करने की आवश्यकता है। सिर्फ अकादमिक प्रदर्शन और करियर पर ध्यान देने के बजाय छात्रों के भावनात्मक और सामाजिक स्वास्थ्य को भी संस्थागत व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना जरूरी है।ये भी पढ़ें- LPU Punjab Student Protest यूनिवर्सिटी में क्यों हुआ बवाल? समय रहते तनाव और एंग्जाइटी के संकेतों की पहचान, प्रशिक्षित काउंसलरों की उपलब्धता, छात्रों और शिक्षकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, भरोसेमंद शिकायत व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में पेश होने वाली नेशनल टास्क फोर्स की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की मानसिक सेहत और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आगे किस तरह की नीतिगत व्यवस्था तैयार की जा सकती है।

पृष्ठ 1 / 8