HBN News 24 Logo
A Unit of Digital ORRA

हिंद भारत न्यूज़

सच्ची खबर, बेबाक नजर

राष्ट्रीय हिंदी दैनिक • स्थापना 2024

hbnnews24.com
रविवार, 25 अक्टूबर 2026
breakingहिंद भारत न्यूज़

पंचकूला में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस का बड़ा फैसला, नवंबर में हर वार्ड तक पहुंचेगा संगठन

पंचकूला|Manuj Bhanvra
पंचकूला में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस का बड़ा फैसला, नवंबर में हर वार्ड तक पहुंचेगा संगठन

📸 सांकेतिक तस्वीर | फोटो: HBN News 24

रवि जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वार्ड स्तर पर जनसंवाद की रणनीति तैयार, संजय चौहान के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने और दिल्ली महारैली में अधिक भागीदारी जुटाने पर जोरपंचकूला, 24 अक्टूबर 2026। पंचकूला में कांग्रेस ने संगठन को वार्ड स्तर तक सक्रिय करने और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को जनता के बीच उठाने की तैयारी तेज कर दी है। जिला कांग्रेस कमेटी पंचकूला की शनिवार को सेक्टर-7 स्थित कोठी नंबर 592 में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के प्रभारी श्री रवि जोशी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नवंबर माह के दौरान जिले के विभिन्न वार्डों में बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया गया। वहीं, जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री संजय चौहान सहित पार्टी पदाधिकारियों ने संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क अभियान को गति देने पर चर्चा की।नवंबर में वार्ड-वार्ड पहुंचेगी कांग्रेस, ‘वोट चोरी’ पर होगा जनसंवादबैठक का प्रमुख एजेंडा ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर जनता के बीच पहुंचना और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करना रहा। तय रणनीति के अनुसार, नवंबर में पंचकूला जिले के विभिन्न वार्डों में बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में पार्टी कार्यकर्ता मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर लोगों के साथ संवाद करेंगे।कांग्रेस की इस पहल का उद्देश्य वार्ड स्तर पर कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाना, संगठनात्मक संपर्क मजबूत करना और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित पार्टी के सवालों को जनता के सामने रखना है।रवि जोशी की अध्यक्षता में बनी संगठनात्मक रणनीतिAICC प्रभारी रवि जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में पंचकूला के विधायक श्री चंद्रमोहन, कालका के पूर्व विधायक श्री प्रदीप चौधरी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री संजय चौहान और श्री रजनीश सिंगला सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि वार्ड स्तर पर होने वाली बैठकों में पार्टी के विभिन्न संगठनों, स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि संगठन की गतिविधियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा सके।संजय चौहान के नेतृत्व में वार्ड स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर जोरजिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय चौहान की मौजूदगी में हुई इस बैठक में पंचकूला जिले में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और जनसंपर्क अभियान को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। नवंबर में प्रस्तावित वार्ड स्तरीय बैठकों के जरिए स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने की योजना बनाई गई।अब इन बैठकों के आयोजन और उनमें कार्यकर्ताओं की भागीदारी पर पार्टी की आगामी रणनीति का फोकस रहेगा।1 नवंबर की दिल्ली महारैली के लिए भी जुटेगा संगठनबैठक में आगामी 1 नवंबर को दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित होने वाली महारैली में अधिक से अधिक कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए अग्रणी संगठनों, पार्षदों, पूर्व पार्षदों, पार्षद प्रत्याशियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से महारैली में शामिल होने की अपील की गई।कुल मिलाकर, पंचकूला कांग्रेस की इस बैठक में दो प्रमुख प्राथमिकताएं सामने आईं—नवंबर में वार्ड स्तर पर ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर जनसंवाद और 1 नवंबर की दिल्ली महारैली में संगठन की भागीदारी बढ़ाना। अब इन फैसलों को जमीन पर लागू करने की दिशा में पार्टी की गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी।

breaking

चंडीगढ़ में नैतिक हत्याकांड के आरोपी से पुलिस की मुठभेड़, ASI प्रदीप को लगी गोली; जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल

चंडीगढ़|Manuj Bhanvra
चंडीगढ़ में नैतिक हत्याकांड के आरोपी से पुलिस की मुठभेड़, ASI प्रदीप को लगी गोली; जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल

चंडीगढ़ में नैतिक हत्याकांड के आरोपी से पुलिस की मुठभेड़, ASI प्रदीप को लगी गोली; जवाबी फायरिंग में आरोपी घायलचंडीगढ़। सेक्टर-22 में नैतिक खंडेलवाल की हत्या के मामले में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब हथियार बरामद करने के लिए सेक्टर-50 के जंगलों में ले जाए गए आरोपी मनमेहर प्रीत सिंह ने कथित तौर पर पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पुलिसकर्मियों को धक्का देकर एक पिस्टल छीन ली और टीम पर गोली चला दी। इस दौरान ASI प्रदीप की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के दाएं पैर में गोली लगी।हथियार बरामदगी के दौरान हुई मुठभेड़पुलिस जांच के अनुसार, नैतिक खंडेलवाल की हत्या में इस्तेमाल हथियार को सेक्टर-50 के जंगलों में छिपाए जाने की जानकारी मिली थी। इसी हथियार की बरामदगी के लिए ऑपरेशन सेल की टीम शनिवार सुबह आरोपी मनमेहर प्रीत सिंह और उसके भाई अर्श को लेकर जंगल में पहुंची थी।पुलिस का कहना है कि बरामदगी की कार्रवाई के दौरान मनमेहर ने भागने की कोशिश की। आरोप है कि उसने एक पुलिसकर्मी से पिस्टल छीनकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी घायल हो गया।बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई ASI की जानमुठभेड़ के दौरान चली गोली ASI प्रदीप की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। जैकेट के कारण गोली से होने वाली गंभीर चोट टल गई। वहीं, घायल आरोपी को इलाज के लिए सेक्टर-32 स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है।घटनास्थल पर जांच, हथियार बरामदगी की कार्रवाई जारीघटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की जांच और हथियार बरामदगी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। अब मामले में पुलिस की आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी, जिससे मुठभेड़ की परिस्थितियों और नैतिक खंडेलवाल हत्याकांड से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।

breaking

Mika Demands Apology: दलेर मेहंदी विवाद पर मीका सिंह का बयान

नई दिल्ली|Ushnish Sharma
Mika Demands Apology: दलेर मेहंदी विवाद पर मीका सिंह का बयान

Mika Singh vs Subodh Uniyal: दलेर मेहंदी के सार्वजनिक अपमान पर भड़के मीका सिंह; उत्तराखंड के मंत्री से मांगी सार्वजनिक माफी, बोले- 'कलाकार की इज्जत सबसे ऊपर'उत्तराखंड के न्यू टिहरी में दिग्गज पंजाबी गायक Daler Mehndi के साथ हुए मंच विवाद का मामला अब और तूल पकड़ता जा रहा है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया (The Times of India) की रिपोर्ट के अनुसार, गायक Mika Singh ने उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री Subodh Uniyal के खिलाफ तीखा हमला बोला है। मीका सिंह ने न केवल मंत्री के रवैये की कड़ी निंदा की है, बल्कि उनके बड़े भाई और संगीत जगत के लीजेंड दलेर मेहंदी के अपमान के लिए मंत्री से सार्वजनिक माफी (Public Apology) की मांग की है।मीका सिंह ने उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल के बयान पर क्या तीखी प्रतिक्रिया दी?मीका सिंह ने मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए मंत्री के उस कृत्य पर गहरी नाराजगी जताई जिसमें उन्होंने माइक छीनकर गायक पर आरोप लगाए थे:Demand for Dignity: मीका सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि एक कलाकार चाहे किसी भी परिस्थिति में हो, मंच पर उसकी गरिमा और सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का हक किसी को नहीं है।Call for Apology: उन्होंने मांग की कि मंत्री सुबोध उनियाल को अपनी गलती स्वीकार करते हुए दलेर मेहंदी और पूरे संगीत समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।Challenging False Claims: मीका ने दोहराया कि उनके भाई पर लगाए गए शराब पीने और लिप-सिंक करने के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और अपमानजनक हैं, खासकर तब जब वे हाल ही में एक बड़ी सर्जरी से उबरे हैं।संगीत जगत और फैंस का इस पर क्या रुख है?इस घटना के बाद से बॉलीवुड और पंजाबी संगीत उद्योग के तमाम कलाकारों में भारी रोष देखा जा रहा है:Industry Solidarity: कपिल शर्मा, बादशाह और शान जैसी हस्तियों के बाद अब अन्य कलाकार भी मीका सिंह के सुर में सुर मिलाते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मेहमान कलाकारों की सुरक्षा और सम्मान की मांग कर रहे हैं।Public Outrage: सोशल मीडिया पर फैंस लगातार मंत्री के आचरण की आलोचना कर रहे हैं और कलाकारों के प्रति अधिक संवेदनशीलता दिखाने की अपील कर रहे हैं।इस विवाद का आगे क्या असर पड़ सकता है?इस कूटनीतिक और सांस्कृतिक गतिरोध ने राजनीतिक गलियारों में भी बहस छेड़ दी है:Political Pressure: विपक्षी दलों और सांस्कृतिक संगठनों द्वारा भी मंत्री के व्यवहार पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिससे सरकार पर स्पष्टीकरण देने का दबाव बढ़ गया है।Upcoming Events Protocol: भविष्य में ऐसे मेलों और आयोजनों में वीआईपी हस्तियों और कलाकारों के बीच शिष्टाचार बनाए रखने के लिए नए नियमों की मांग उठने लगी है।

breaking

China Patrolling Deviations: चीन की गश्त पर MEA का बड़ा बयान

नई दिल्ली|Ushnish Sharma
China Patrolling Deviations: चीन की गश्त पर MEA का बड़ा बयान

India-China Border Tensions: चीन की गश्त में 'विचलन' से सीमा पर बिगड़ती है स्थिति; आईटीबीपी डीजी के बयान पर विदेश मंत्रालय (MEA) की दो टूकभारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control - LAC) पर सुरक्षा हालात को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक द्वारा एलएसी पर गश्त के दौरान होने वाले गतिरोधों (Face-offs) को लेकर दिए गए बयान के बाद विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs - MEA) ने बड़ा बयान जारी किया है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि चीनी सैनिकों द्वारा गश्त के तय नियमों और समझौतों से हटना (Patrolling Deviations) सीमावर्ती क्षेत्रों में अमन-चैन को बाधित करता है।आईटीबीपी डीजी के किस बयान पर चर्चा छिड़ी है और MEA ने क्या कहा?हाल ही में आईटीबीपी के शीर्ष अधिकारी ने एलएसी पर जमीनी हालात और चीनी सैनिकों की हरकतों पर खुलकर बात की थी:ITBP DG's Assessment: रिपोर्ट के मुताबिक, आईटीबीपी प्रमुख ने बताया था कि कई बार फॉरवर्ड पोस्ट्स और पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच आमने-सामने की स्थिति (Face-offs) बन जाती है।MEA's Official Stance: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है। चीनी पक्ष की ओर से गश्त के पैटर्न में होने वाले अनियोजित बदलाव (Deviations) से दोनों देशों के बीच बने आपसी समझौतों का उल्लंघन होता है और सीमा पर तनाव पैदा होता है।सीमा पर पेट्रोलिंग और डिसइंगेजमेंट समझौतों का मौजूदा हाल क्या है?पूर्वी लद्दाख और अन्य सेक्टरों में पिछले समझौतों के बाद भी चुनौतियां बनी हुई हैं:Diplomatic & Military Talks: भारत और चीन के बीच सैन्य कमांडरों और राजनयिक स्तर पर लगातार बातचीत जारी है ताकि गश्त अधिकारों (Patrolling Rights) और बफर जोन को लेकर स्पष्टता लाई जा सके।Readiness of Security Forces: भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान एलएसी पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं और हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं।इस बयान के कूटनीतिक मायने क्या हैं?विदेश मंत्रालय के इस रुख से साफ है कि भारत चीन के साथ सामान्य संबंध तभी बहाल करना चाहता है जब सीमा पर पूर्ण शांति और समझौतों का कड़ाई से पालन हो:Strict Adherence to Pacts: नई दिल्ली ने स्पष्ट कर दिया है कि द्विपक्षीय संबंधों की बहाली के लिए एलएसी पर यथास्थिति बनाए रखना और गश्त नियमों का पालन करना अनिवार्य शर्त है।

breaking

वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर जीता दूसरा गोल्ड, भारत का बढ़ाया मान

भारत|Manuj Bhanvra
वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर जीता दूसरा गोल्ड, भारत का बढ़ाया मान

एशियन पैरा गेम्स 2026: भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल का नाम चर्चा में है। एशियन पैरा गेम्स 2026 में मोना ने महिलाओं की 50 मीटर निशानेबाजी स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए गोल्ड मेडल जीतने की खबर से देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह उनका प्रतियोगिता में दूसरा स्वर्ण पदक बताया जा रहा है।शानदार प्रदर्शन से रचा इतिहासमोना अग्रवाल ने अपनी सटीक निशानेबाजी और बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर इस स्पर्धा में खास उपलब्धि हासिल की। विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर स्वर्ण पदक जीतना उनकी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है।उनकी इस उपलब्धि से भारतीय पैरा खेलों को नई पहचान मिली है। मोना का प्रदर्शन उन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है, जो तमाम चुनौतियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते हैं।भारत के लिए गर्व का पलअंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाती हैं। मोना अग्रवाल की यह सफलता भी भारतीय पैरा निशानेबाजी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।उनके दूसरे स्वर्ण पदक और विश्व रिकॉर्ड की खबर ने भारतीय खेल प्रशंसकों के बीच उत्साह बढ़ाया है। अब प्रतियोगिता में उनके आगे के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।

breaking

हरियाणा में बिजली व्यवस्था पर संकट के बादल: निजी कंपनी को 25 साल का लाइसेंस देने के फैसले पर भाजपा सरकार जवाब दे — संजय दत्त

हरियाणा|Manuj Bhanvra
हरियाणा में बिजली व्यवस्था पर संकट के बादल: निजी कंपनी को 25 साल का लाइसेंस देने के फैसले पर भाजपा सरकार जवाब दे — संजय दत्त

बिजली कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल ने बढ़ाई चिंता; सार्वजनिक बिजली व्यवस्था, कर्मचारियों के भविष्य और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करे सरकार चंडीगढ़ | 23 अक्टूबर 2026 हरियाणा में बिजली क्षेत्र से जुड़े हालिया घटनाक्रमों ने भाजपा सरकार की नीतियों, सार्वजनिक बिजली व्यवस्था के भविष्य और आम उपभोक्ताओं के हितों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) द्वारा गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी Eleven Power Private Limited को 25 वर्ष का समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने के विरोध में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की राज्यव्यापी हड़ताल जारी है। हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने इस पूरे मामले को सार्वजनिक सेवाओं की जवाबदेही, कर्मचारियों की चिंताओं और आम जनता के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए भाजपा सरकार से स्पष्ट जवाबदेही की मांग की है। निजी कंपनी को 25 साल का लाइसेंस: जनहित से जुड़े सवालों का जवाब दे सरकार बिजली वितरण जैसी बुनियादी सार्वजनिक सेवा से जुड़े इतने महत्वपूर्ण फैसले पर कर्मचारियों और इंजीनियरों के बीच गंभीर आशंकाएँ हैं। उनका मानना है कि समानांतर वितरण लाइसेंस भविष्य में सार्वजनिक बिजली व्यवस्था की भूमिका और सरकारी वितरण कंपनियों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। कांग्रेस का सवाल है कि बिजली व्यवस्था में सुधार के नाम पर उठाए जा रहे कदमों से आम उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे कारोबारियों, उद्योगों और बिजली कर्मचारियों के हित किस प्रकार सुरक्षित रहेंगे? सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इस व्यवस्था में सार्वजनिक बिजली वितरण कंपनियों की भूमिका क्या होगी और यह कैसे सुनिश्चित किया जाएगा कि निजी भागीदारी का लाभ केवल व्यावसायिक हितों तक सीमित न रहकर आम जनता तक भी पहुँचे। बिजली कर्मचारियों की चिंताओं की अनदेखी क्यों? 22 से 24 अक्टूबर तक घोषित तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल ने बिजली व्यवस्था और आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं के निर्बाध संचालन को लेकर चिंता बढ़ाई है। बिजली आपूर्ति में संभावित व्यवधान का सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे व्यापारियों, उद्योगों और पानी की आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में सरकार की प्राथमिकता कर्मचारियों से सार्थक संवाद स्थापित करना, आवश्यक सेवाओं को सुचारु रखना और उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाना होनी चाहिए। कांग्रेस का मानना है कि किसी भी नीतिगत बदलाव से पहले संबंधित कर्मचारियों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े फैसले पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापक जनहित को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए। सरकार के रुख में स्पष्टता और जवाबदेही जरूरी हरियाणा सरकार ने HERC के लाइसेंस संबंधी फैसले को अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण (APTEL) में चुनौती देने की घोषणा की है। ऐसे में सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि इस कानूनी प्रक्रिया के दौरान सार्वजनिक बिजली वितरण व्यवस्था, कर्मचारियों के हितों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे। केवल कानूनी चुनौती की घोषणा पर्याप्त नहीं है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि सरकार इस पूरे विवाद का समाधान किस समयसीमा में करेगी और बिजली व्यवस्था को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता दूर करने के लिए उसकी ठोस कार्ययोजना क्या है। हरियाणा की जनता को आश्वासन नहीं, जवाब चाहिए हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त के नेतृत्व में कांग्रेस इस मुद्दे को सार्वजनिक सेवाओं की मजबूती, कर्मचारियों के अधिकारों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के व्यापक संदर्भ में उठा रही है। कांग्रेस की मांग है कि भाजपा सरकार बिजली कर्मचारियों के साथ सार्थक बातचीत करे, उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे और समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर उठ रही आशंकाओं पर स्पष्ट एवं तथ्यपरक जवाब दे। बिजली जनता की बुनियादी जरूरत है, केवल कारोबार का विषय नहीं। सरकार की हर नीति का मूल्यांकन इस कसौटी पर होना चाहिए कि उससे आम नागरिकों, किसानों, कर्मचारियों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को क्या लाभ मिलता है। हरियाणा की जनता को राजनीतिक बयानबाजी नहीं, जवाबदेह शासन, मजबूत सार्वजनिक सेवाएँ और अपने हितों की ठोस सुरक्षा चाहिए।

breaking

Diljit Dosanjh Concert: दिल्ली पुलिस ने नहीं दी अनुमति

नई दिल्ली|Ushnish Sharma
Diljit Dosanjh Concert: दिल्ली पुलिस ने नहीं दी अनुमति

Diljit Dosanjh Concert Controversy: दिल्ली पुलिस ने दिलजीत दोसांझ के 30 अक्टूबर के कॉन्सर्ट पर लगाई रोक; जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम को नहीं मिली सुरक्षा मंजूरीपंजाबी गायक और ग्लोबल सुपरस्टार Diljit Dosanjh के फैंस के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया (The Times of India) की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने आगामी 30 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय राजधानी के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (Jawaharlal Nehru Stadium - JLN) में होने वाले उनके बहुप्रतीक्षित कॉन्सर्ट की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने भारी भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा संबंधी चिंताओं (Security Concerns) का हवाला देते हुए आयोजकों के आवेदन को खारिज कर दिया है।दिल्ली पुलिस ने दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट की परमिशन क्यों रद्द की?अधिकारियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस बड़े फैसले के पीछे कई प्रशासनिक और सुरक्षा कारण शामिल हैं:Massive Crowd Management: स्टेडियम में आने वाले हजारों की संख्या में दर्शकों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा इंतजामों की कमी का हवाला दिया गया है।Law and Order Issues: हालिया वीआईपी आयोजनों और शहर में चल रही अन्य प्रशासनिक व्यस्तताओं के चलते पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई है।Venue Clearance Delay: रिपोर्ट में बताया गया है कि आयोजन स्थल पर सुरक्षा मानकों (Fire and Safety Clearances) से जुड़ी कुछ औपचारिकताएं समय पर पूरी नहीं हो पाई थीं, जिसके चलते यह कदम उठाया गया।आयोजकों और फैंस की तरफ से इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया आई है?दिल्ली पुलिस द्वारा अचानक अनुमति ठुकराए जाने के बाद कॉन्सर्ट के आयोजकों और टिकट खरीदने वाले प्रशंसकों में असमंजस की स्थिति बन गई है:Organizers' Response: आयोजक दल इस फैसले के खिलाफ वैकल्पिक कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है और प्रशासन से अनुमति के लिए नए सिरे से बातचीत करने की कोशिश कर रहा है।Fans' Disappointment: सोशल मीडिया पर दिलजीत दोसांझ के हजारों फैंस ने अपनी निराशा व्यक्त की है, क्योंकि इस कॉन्सर्ट के लिए टिकटों की एडवांस बुकिंग पहले ही बड़े पैमाने पर हो चुकी थी।क्या कॉन्सर्ट की तारीख या वेन्यू में बदलाव किया जाएगा?फिलहाल स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है:Uncertain Schedule: अभी तक आयोजकों या दिलजीत दोसांझ की टीम की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि कॉन्सर्ट को रद्द किया जाएगा, किसी दूसरी तारीख पर शिफ्ट किया जाएगा या फिर किसी नए वेन्यू पर आयोजित किया जाएगा।Official Updates Awaited: टिकिट धारकों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें, क्योंकि पुलिस और आयोजकों के बीच बातचीत का दौर अभी जारी है।

breaking

IND vs NZ 1st T20I: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला मुकाबला

नई दिल्ली|Ushnish Sharma
IND vs NZ 1st T20I: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला मुकाबला

IND vs NZ 1st T20I Live Updates: क्राइस्टचर्च में भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी20 मुकाबला शुरू; श्रेयस अय्यर संभाल रहे हैं टीम इंडिया की कमानक्रिकेट के मैदान पर एक बार फिर भारत और न्यूजीलैंड के बीच रोमांचक जंग शुरू हो गई है। द इंडियन एक्सप्रेस (The Indian Express) की लाइव रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड दौरे की शुरुआत 1st T20I मुकाबले के साथ क्राइस्टचर्च के हेagley ओवल मैदान पर हो रही है। इस दौरे पर भारतीय टी20 टीम की कमान मध्य क्रम के आक्रामक बल्लेबाज Shreyas Iyer के हाथों में है, जबकि मेजबान कीवी टीम की अगुवाई अनुभवी ऑलराउंडर Mitchell Santner कर रहे हैं। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला सीरीज का आगाज करने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।IND vs NZ पहले टी20 मैच में टॉस और प्लेइंग इलेवन का क्या हाल है?मैच की शुरुआत से पहले हुए टॉस और दोनों टीमों के संयोजन पर नजर डालते हैं:Toss Decision: न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी (Bowling First) करने का फैसला किया है और भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया है।Team India Changes: भारतीय प्रबंधन ने युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलित संयोजन मैदान पर उतारा है, जिसमें विस्फोटक ओपनर्स और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण शामिल है।New Zealand Squad: कीवी टीम अपनी घरेलू परिस्थितियों और तेज पिचों का पूरा फायदा उठाने के इरादे से उतरी है।क्राइस्टचर्च की पिच और वेदर कंडीशंस का क्या प्रभाव रहेगा?हेग्ले ओवल, क्राइस्टचर्च की पिच हमेशा से तेज गेंदबाजों और स्ट्रोक खेलने वाले बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है:Pitch Report: मैच की शुरुआत में तेज गेंदबाजों को स्विंग और अतिरिक्त उछाल मिलने की पूरी उम्मीद है, जिसके चलते शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों को संभलकर खेलना होगा।Condition Factors: ठंडी हवाओं और ओस (Dew Factor) के प्रभाव को देखते हुए बाद में गेंदबाजी करने वाली टीम के लिए दूसरी पारी में गेंद को संभालना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।आज के मैच में दोनों टीमों के मुख्य खिलाड़ियों पर किन पर रहेंगी नजरें?इस सीरीज के पहले मुकाबले में दोनों पक्षों के प्रमुख खिलाड़ियों से बड़े प्रदर्शन की उम्मीद है:Team India Stars: कप्तान श्रेयस अय्यर, विकेटकीपर बल्लेबाज और फिनिशर, तथा तेज गेंदबाजी इकाई में अनुभवी पेसर्स से शानदार शुरुआत की उम्मीद है।New Zealand Key Players: कप्तान मिचेल सेंटनर की फिरकी और कीवी टीम के आक्रामक ओपनर्स पावरप्ले में बड़ा स्कोर खड़ा करने का प्रयास करेंगे। श्रृंखला के इस पहले मैच का लाइव स्कोर और पल-पल का अपडेट स्पोर्ट्स डेस्क पर लगातार अपडेट किया जा रहा है।ये भी पढ़ें- Daler Mehndi Stage Row: दलेर मेहंदी के समर्थन में आए सितारे

haryana

कालका में कांग्रेस का ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान, कुमारी सैलजा ने भाजपा से मांगा 20 प्रमुख चुनावी वादों का हिसाब

पंचकूला|Manuj Bhanvra
कालका में कांग्रेस का ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान, कुमारी सैलजा ने भाजपा से मांगा 20 प्रमुख चुनावी वादों का हिसाब

जिला अध्यक्ष संजय चौहान की मौजूदगी में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निकाला पैदल मार्च, लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का उठाया मुद्दाकालका (पंचकूला): हरियाणा में भाजपा सरकार के चुनावी वादों को लेकर कांग्रेस ने सवाल तेज कर दिए हैं। कालका में कांग्रेस के ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सब्जी मंडी से एसडीएम कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और सरकार से जनता से किए गए वादों का हिसाब मांगा। इस दौरान कांग्रेस सांसद एवं वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा ने भाजपा से हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए 20 प्रमुख वादों पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।कार्यक्रम में पंचकूला जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय चौहान की मौजूदगी भी प्रमुख रही। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मताधिकार की रक्षा, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।संजय चौहान की मौजूदगी में कांग्रेस ने उठाई जनता की आवाजकालका में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष संजय चौहान सहित कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारी, स्थानीय नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। पैदल मार्च के जरिए पार्टी ने चुनावी वादों की प्रगति और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।कांग्रेस का कहना है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने स्पष्ट होनी चाहिए। पार्टी ने मांग की कि भाजपा सरकार अपने प्रमुख चुनावी वादों पर श्वेतपत्र जारी करे, ताकि यह पता चल सके कि किन वादों को पूरा किया गया और किन पर अभी काम बाकी है।महिलाओं और युवाओं से जुड़े वादों पर भी मांगा जवाबप्रेस में प्रकाशित खबर के अनुसार, कुमारी सैलजा ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने, युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों और रोजगार के अवसरों से जुड़े वादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से पूछा कि चुनाव के दौरान किए गए वादों का लाभ कितने लोगों तक पहुंचा है और उनकी प्रगति की स्थिति क्या है।कांग्रेस ने महिलाओं की आर्थिक स्थिति, युवाओं के रोजगार और सरकारी भर्तियों जैसे मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि चुनावी घोषणाओं की समीक्षा तथ्यों और सार्वजनिक आंकड़ों के आधार पर होनी चाहिए।लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा पर जोर‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मताधिकार की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए चुनावी वादों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।कार्यक्रम में कालका विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से कांग्रेस नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। पैदल मार्च के माध्यम से पार्टी ने सरकार से जनता के सामने अपने वादों का हिसाब रखने की मांग दोहराई।कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता रहे मौजूदइस कार्यक्रम में कुमारी सैलजा के अलावा कालका से संबंधित वरिष्ठ नेता, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं विधायक चंद्रमोहन, पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी, प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी, पंचकूला जिला अध्यक्ष संजय चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष सुनील श्याम, पूर्व विधायक एवं अन्य स्थानीय कांग्रेस नेता तथा कार्यकर्ता मौजूद रहे।कांग्रेस ने अभियान के जरिए स्पष्ट किया कि चुनावी वादों, रोजगार, महिलाओं से जुड़े मुद्दों और मताधिकार की पारदर्शिता पर सरकार से जवाब मांगने का सिलसिला जारी रहेगा।

breaking

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की 3 दिवसीय हड़ताल शुरू, निजीकरण के विरोध में 40 हजार कर्मचारी मैदान में

हरियाणा|Manuj Bhanvra
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की 3 दिवसीय हड़ताल शुरू, निजीकरण के विरोध में 40 हजार कर्मचारी मैदान में

गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन, बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंकाचंडीगढ़/पंचकूला: हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण के लिए ‘इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड’ को 25 साल का समानांतर लाइसेंस दिए जाने के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने 22 से 24 अक्टूबर 2026 तक तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है। इस आंदोलन में करीब 40 हजार बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।निजीकरण के फैसले के खिलाफ आर-पार की लड़ाईबिजली कर्मचारियों के साझा मंच ‘हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा’ का कहना है कि बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से कर्मचारियों के हितों और सार्वजनिक बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसी फैसले के विरोध में कर्मचारी राज्यभर में आंदोलन कर रहे हैं।कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े फैसलों में सार्वजनिक क्षेत्र और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता दी जाए तथा निजीकरण से संबंधित निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए।ऊर्जा मंत्री से बातचीत का प्रस्ताव ठुकरायाहड़ताल के बीच ऊर्जा मंत्री अनिल विज की ओर से बातचीत के लिए बुलाए जाने की खबर भी सामने आई है। हालांकि, कर्मचारी संगठनों के साझा मंच ने बातचीत के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इससे सरकार और बिजली कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका है।सरकार अलर्ट, अधिकारियों-कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने के निर्देशहड़ताल को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 25 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली आपूर्ति में संभावित व्यवधान को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।हालांकि, राज्य के सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की पुष्टि नहीं है। उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र की बिजली स्थिति के लिए संबंधित बिजली निगम की आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी चाहिए।OPS और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की भी मांगबिजली कर्मचारियों का आंदोलन केवल निजीकरण के मुद्दे तक सीमित नहीं है। उनकी अन्य प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करना, कच्चे एवं हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के कर्मचारियों को नियमित करना और कर्मचारियों को 7,000 रुपये मासिक रिस्क अलाउंस देना शामिल है।दिसंबर में फिर हो सकती है हड़तालकर्मचारी संगठनों ने आगामी 1 से 3 दिसंबर 2026 तक भी हड़ताल पर जाने का नोटिस देने की बात कही है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत तथा मांगों पर होने वाले फैसले महत्वपूर्ण रहेंगे।फिलहाल, हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के चलते बिजली व्यवस्था पर नजर बनी हुई है। यदि विवाद का समाधान समय रहते नहीं निकलता, तो आने वाले समय में भी बिजली सेवाओं और कर्मचारियों के आंदोलन को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण बनी रह सकती है।

breaking

बेरोजगारी से किसान तक: नायब सैनी सरकार के सामने कांग्रेस ने रखे सवाल

नई दिल्ली|Manuj Bhanvra
बेरोजगारी से किसान तक: नायब सैनी सरकार के सामने कांग्रेस ने रखे सवाल

चंडीगढ़ में हरियाणा कांग्रेस की प्रेस वार्ता, शिक्षा से लेकर बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं तक सरकार से मांगा जवाबचंडीगढ़: हरियाणा में नायब सैनी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। चंडीगढ़ में आयोजित हरियाणा कांग्रेस की प्रेस वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश सरकार से उसके चुनावी वादों और दो साल के कार्यकाल का हिसाब देने की मांग की।प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, सरकारी भर्तियों, पेपर लीक, किसानों की समस्याओं, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा के 2024 के संकल्प-पत्र में किए गए वादों पर सरकार को जनता के सामने अपना जवाब रखना चाहिए।बेरोजगारी, भर्तियों और किसानों के मुद्दों पर सरकार से सवालकांग्रेस ने प्रदेश में युवाओं के रोजगार, पक्की सरकारी भर्तियों और पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगा। इसके साथ ही किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीद, DAP खाद की उपलब्धता और कृषि संबंधी समस्याओं को लेकर भी सरकार से सवाल किए गए।प्रेस वार्ता में महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, महंगाई, कर्मचारियों एवं श्रमिकों के अधिकार, व्यापारियों और उद्योगों की स्थिति तथा दलित एवं पिछड़े वर्गों से जुड़े विषय भी उठाए गए।BPL परिवारों, बिजली-पानी और बढ़ते कर्ज पर भी चर्चाहरियाणा कांग्रेस ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, BPL परिवारों की समस्याओं, बिजली-पानी की उपलब्धता, बिजली क्षेत्र में निजीकरण और लाइसेंस व्यवस्था पर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। इसके अतिरिक्त HKRNL के तहत कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं, ग्रामीण विकास, युवाओं के पलायन और प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर भी सवाल उठाए गए।कांग्रेस ने मतदाता सूची की पारदर्शिता और वोट चोरी के आरोपों से जुड़े मुद्दे भी प्रेस वार्ता में उठाए। पार्टी ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।2024 के संकल्प-पत्र के वादों पर मांगा जवाबकांग्रेस नेताओं ने भाजपा के 2024 के संकल्प-पत्र में किए गए वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को अपने चुनावी वादों की प्रगति और उनके क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न वर्ग अपनी समस्याओं को लेकर जवाब चाहते हैं और सरकार को इन मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।कांग्रेस ने जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को आगे भी उठाने की बात कही। पार्टी का कहना है कि सरकार को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान कल्याण और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता रहे मौजूदचंडीगढ़ में आयोजित इस प्रेस वार्ता के दौरान पंचकूला विधायक चंद्र मोहन, प्रदेश मीडिया इंचार्ज संजीव भारद्वाज, सोशल मीडिया चेयरपर्सन मोनिका डुमरा, महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुधा भारद्वाज, प्रताप चौधरी सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।प्रेस वार्ता के माध्यम से कांग्रेस ने नायब सैनी सरकार के दो साल के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों और चुनावी वादों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

पृष्ठ 1 / 8