TCS का AI कारोबार $2.5 अरब के करीब, बड़ा खुलासा

TCS का AI कारोबार $2.5 अरब के करीब, बड़ा खुलासा
भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनियों में से एक Tata Consultancy Services (TCS) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के चेयरमैन N Chandrasekaran ने बताया कि TCS का AI-संबंधित राजस्व वार्षिक आधार पर लगभग 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि AI अब केवल एक नई तकनीक नहीं रह गया है, बल्कि यह आईटी उद्योग के लिए एक बड़े व्यावसायिक अवसर के रूप में उभर रहा है।
चंद्रशेखरन के अनुसार, आने वाले वर्षों में AI एजेंट्स की संख्या कंपनियों के मानव कर्मचारियों के बराबर या उससे भी अधिक हो सकती है। उनका मानना है कि AI आधारित सिस्टम और स्वचालित एजेंट्स व्यवसायों के संचालन, ग्राहक सेवा, डेटा विश्लेषण, सॉफ्टवेयर विकास और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे कंपनियां अधिक तेज, कुशल और कम लागत में सेवाएं प्रदान कर सकेंगी।
TCS ने पिछले कुछ वर्षों में AI, जनरेटिव AI और मशीन लर्निंग आधारित समाधानों पर बड़े पैमाने पर निवेश किया है। कंपनी ने विभिन्न उद्योगों जैसे बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य सेवा, रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग और दूरसंचार क्षेत्र के ग्राहकों के लिए AI-संचालित उत्पाद और सेवाएं विकसित की हैं। इसके चलते AI से जुड़े प्रोजेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है और कंपनी को नए राजस्व स्रोत प्राप्त हो रहे हैं।
चंद्रशेखरन ने कहा कि AI तकनीक आईटी सेवाओं के लिए उपलब्ध बाजार (Addressable Market) का आकार बढ़ा रही है। पहले जहां कंपनियां केवल पारंपरिक सॉफ्टवेयर और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेवाओं पर निर्भर थीं, वहीं अब AI आधारित ऑटोमेशन, इंटेलिजेंट एजेंट्स, डेटा मॉडलिंग और बिजनेस प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन जैसी नई सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे आईटी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI एजेंट्स भविष्य में कई दोहराव वाले कार्यों को स्वचालित कर सकते हैं। हालांकि इससे कार्य करने के तरीके में बदलाव आएगा, लेकिन नई तकनीकों के विकास, प्रबंधन और निगरानी के लिए कुशल पेशेवरों की मांग भी बढ़ेगी। TCS जैसी कंपनियां अपने कर्मचारियों को AI और उन्नत डिजिटल कौशलों में प्रशिक्षित कर रही हैं ताकि वे बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
वैश्विक स्तर पर भी AI को लेकर निवेश और प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। बड़ी टेक कंपनियां और आईटी सेवा प्रदाता AI प्लेटफॉर्म, बड़े भाषा मॉडल (LLM), एजेंटिक AI और ऑटोमेशन समाधानों पर अरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं। ऐसे माहौल में TCS का AI राजस्व 2.5 अरब डॉलर के करीब पहुंचना भारतीय आईटी उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
आने वाले समय में AI केवल तकनीकी नवाचार का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि यह व्यवसायों की उत्पादकता, ग्राहक अनुभव और राजस्व वृद्धि का प्रमुख आधार बन सकता है। TCS का मानना है कि AI और AI एजेंट्स की बढ़ती भूमिका कंपनी के अगले विकास चरण को गति देगी और भारतीय आईटी उद्योग को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी। AI आधारित सेवाओं की मांग में लगातार वृद्धि को देखते हुए TCS भविष्य में इस क्षेत्र में अपने निवेश और क्षमताओं का विस्तार करने की योजना बना रही है, जिससे कंपनी के लिए नए व्यावसायिक अवसर और दीर्घकालिक विकास की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।
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