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पाकिस्तानी रिपोर्टर पर भड़के जयशंकर, बोले एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी रिपोर्टर के आतंकवाद से जुड़े सवाल पर करारा तंज कसते हुए जवाब दिया।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी रिपोर्टर के आतंकवाद से जुड़े सवाल पर करारा तंज कसते हुए जवाब दिया।

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Vivekनई दिल्ली, 26 सितंबर 2026, (अपडेटेड 04:31 am)

 
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर अपनी बेबाक कूटनीति, तीखे और सटीक जवाबों के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय में एक बार फिर उनका ऐसा ही रूप देखने को मिला, जब उन्होंने एक पाकिस्तानी रिपोर्टर के बेबुनियाद सवाल पर करारा तंज कसा। विदेश मंत्री के इस अंदाज और वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। आइए जानते हैं कि इस पूरी घटना के दौरान संयुक्त राष्ट्र में क्या कुछ खास हुआ और कैसे एस जयशंकर ने पाकिस्तान को आईना दिखाया।

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी रिपोर्टर पर भड़के जयशंकर

मामला संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का है, जहां विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर मीडिया के विभिन्न सवालों का जवाब दे रहे थे। इस दौरान मुख्य रूप से भारत की विदेश नीति, वैश्विक सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई जैसे गंभीर मुद्दों पर बातचीत चल रही थी।

इसी दौरान एक पाकिस्तानी रिपोर्टर ने भारत पर ही पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का बेतुका और निराधार आरोप लगा दिया। इस भड़काऊ और हास्यास्पद सवाल को सुनकर जयशंकर ने बिना अपना आपा खोए बेहद शांत लेकिन बेहद तीखे शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने रिपोर्टर की तरफ देखते हुए दो टूक कहा, “एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है।” रिपोर्टर के सवाल का यह करारा और तार्किक जवाब देने के बाद वे मुस्कुराए और तुरंत वहां से आगे निकल गए। उनका यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनकी हाजिरजवाबी की तारीफ कर रहे हैं।

4 साल पहले भी दिया था ऐसा ही ऐतिहासिक जवाब

यह पहली बार नहीं है जब एस जयशंकर ने किसी पाकिस्तानी पत्रकार को इस अंदाज में लताड़ा हो। इससे पहले दिसंबर 2022 में भी न्यूयॉर्क में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने ऐसा ही मिलता-जुलता सवाल किया था। तब पत्रकार ने पूछा था कि दक्षिण एशिया आखिर कब तक भारत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से जुड़े आतंकवाद का सामना करता रहेगा?

उस समय भी जयशंकर ने कड़ा रुख अपनाते हुए जवाब दिया था कि, “आप गलत मंत्री से सवाल पूछ रहे हैं। पाकिस्तान कब तक आतंकवाद जारी रखना चाहता है, यह पाकिस्तान के मंत्री बताएंगे।” उनके इस पुराने बयान की तरह ही हालिया बयान ने भी यह साबित कर दिया है कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को किसी भी मंच पर बख्शने के मूड में नहीं है।

भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद का पुराना विवाद

भारत लंबे समय से वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का खुला आरोप लगाता रहा है, हालांकि पाकिस्तान हमेशा की तरह इन सभी आरोपों से इनकार करता आया है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच आतंकवाद का यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हमेशा से एक बड़ा विवाद रहा है।

हाल ही में भारत ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले का कड़ा मुद्दा भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया है। इस भीषण हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। इसके अलावा, भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की धरती पर मौजूद या वहां से संचालित होने वाले आतंकी संगठनों और उनकी फंडिंग का कच्चा चिट्ठा भी दुनिया के सामने रखा है।

समुद्री जहाजों पर बढ़ते हमलों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा

संयुक्त राष्ट्र की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ आतंकवाद ही नहीं, बल्कि वैश्विक समुद्री सुरक्षा पर भी गंभीर चर्चा हुई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खाड़ी देशों के समुद्री इलाकों, लाल सागर और ब्लैक सी (काला सागर) में व्यापारिक जहाजों पर लगातार बढ़ रहे हमलों का पुरजोर मुद्दा उठाया।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब ये घटनाएं कभी-कभार होने वाली छिटपुट दुर्घटनाएं नहीं रह गई हैं। दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर इस तरह के हमले ग्लोबल ट्रेड (वैश्विक व्यापार) और वहां सफर करने वाले नाविकों व आम लोगों की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा चिंता का विषय बन चुके हैं।

यह चर्चा तब और अहम हो गई जब जयशंकर ने लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेयसोलो नयंती के साथ मिलकर समुद्री जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए बनाए गए ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ (Group of Friends) की पहली बैठक में हिस्सा लिया और दुनिया का ध्यान इस ओर खींचा।

पिछले 3 महीनों में भारतीय नाविकों पर हमले के आंकड़े

समुद्री असुरक्षा और हमलों के खतरे को साबित करते हुए पिछले कुछ महीनों के आंकड़े बेहद डराने वाले हैं:

8 जुलाई: ब्लैक सी में ‘MV ओमोर्फी’ नाम के जहाज पर हुए खतरनाक हमले में एक भारतीय चीफ ऑफिसर की जान चली गई।

19 जुलाई: ‘MV गोल्डन लियो’ पर हुए हमले में चार भारतीय नाविक अपनी जान गंवा बैठे।

9 सितंबर: होर्मुज स्ट्रेट में ‘एल गैया’ टैंकर पर हमला किया गया, जिसके बाद से एक भारतीय क्रू मेंबर (सदस्य) अभी भी लापता है।

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इन तमाम मुद्दों के जरिए एस जयशंकर ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा, नागरिकों की रक्षा और आतंकवाद के खात्मे के लिए पूरी दुनिया के सामने अपनी बात पूरी मजबूती से रखने में सक्षम है।

Vivek

About the Author: Vivek

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