पंजाब की राजनीति में शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच गठबंधन की संभावित वापसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। SAD नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब की जनता चाहती है कि अकाली दल और भाजपा फिर से एक साथ आएं। उन्होंने कहा कि दोनों दलों का नेतृत्व बैठकर इस मुद्दे पर बातचीत करेगा।
मजीठिया का बयान उनकी बहन और बठिंडा सांसद हरसिमरत कौर बादल के उस संकेत के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने पुराने गठबंधनों और समझौतों को दोबारा कायम करने की बात कही थी। उनके बयान को SAD और BJP के बीच संभावित ‘घर वापसी’ के संकेत के तौर पर देखा गया। हालांकि, दोनों दलों की ओर से गठबंधन को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
बिक्रम मजीठिया ने कहा कि SAD और BJP का गठबंधन कृषि कानूनों के विवाद के बाद टूट गया था। उन्होंने कहा कि उस समय दोनों दल अलग हो गए थे, लेकिन अब पंजाब की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लोग फिर से दोनों पार्टियों को साथ देखना चाहते हैं।
मजीठिया के अनुसार, राज्य में सीमा से जुड़े मुद्दे, कानून-व्यवस्था, विकास और रोजगार जैसे विषयों को देखते हुए जनता गठबंधन की मांग कर रही है। उन्होंने पुराने गठबंधन को याद करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और प्रकाश सिंह बादल के दौर में दोनों दलों के बीच मजबूत संबंध थे।
हरसिमरत बादल के संकेत के बाद भाजपा भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है। रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा फिलहाल वेट एंड वॉच की स्थिति में है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की हालिया मुलाकात तथा दोनों दलों के बीच कुछ मुद्दों पर बढ़ती नजदीकी को भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय माना जा रहा है।
फिलहाल SAD-BJP गठबंधन की वापसी पर अंतिम फैसला दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की बातचीत के बाद ही सामने आएगा। लेकिन मजीठिया के खुले समर्थन और हरसिमरत बादल के संकेतों ने पंजाब की राजनीति में संभावित नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा जरूर तेज कर दी है।
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