पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते की कड़ी आलोचना की है। बेन ग्विर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह समझौता इजरायल के लिए बाध्यकारी नहीं है और इससे देश की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती। यह अमेरिका-ईरान समझौते पर किसी वरिष्ठ इजरायली अधिकारी की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया मानी जा रही है।
बेन ग्विर ने कहा, “ट्रंप का यह समझौता हमें बांधता नहीं है। हम इस समझौते का हिस्सा नहीं हैं और यह हमारी सुरक्षा की रक्षा नहीं करता।” उनके बयान से संकेत मिलता है कि इजरायल सरकार के कुछ धड़े इस समझौते को लेकर गंभीर चिंताएं रखते हैं। उनका मानना है कि ईरान की क्षेत्रीय गतिविधियों और उसके समर्थित समूहों से उत्पन्न खतरे को केवल कूटनीतिक समझौतों के जरिए नियंत्रित नहीं किया जा सकता।
इजरायली मंत्री ने विशेष रूप से लेबनान में सक्रिय ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ अधिक आक्रामक रणनीति अपनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि इजरायल को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए और किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते के भरोसे नहीं रहना चाहिए। बेन ग्विर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है और सीमावर्ती इलाकों में तनाव बना हुआ है।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर इजरायल के भीतर मतभेद उभर सकते हैं। जहां कुछ नेता कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन कर सकते हैं, वहीं बेन ग्विर जैसे नेता सख्त सुरक्षा और सैन्य दृष्टिकोण को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनके बयान ने पश्चिम एशिया की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर इजरायल तथा उसके सहयोगियों की रणनीति पर नजर बनी रहेगी।