बद्रीनाथ धाम दान घोटाला: मंदिर समिति के निलंबित कर्मचारी पर FIR, चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप की जांच तेज

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान को लेकर कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। समिति के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ चमोली जिले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

प्रमोद नौटियाल मंदिर समिति के अध्यक्ष कार्यालय में निजी सहायक (पर्सनल असिस्टेंट) के पद पर कार्यरत थे। दान राशि के प्रबंधन में कथित गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद समिति ने प्रारंभिक आंतरिक जांच कराई। जांच के दौरान कई संदिग्ध पहलू सामने आने पर 3 जुलाई को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उनके जवाब का परीक्षण करने के बाद समिति ने उसे संतोषजनक नहीं माना और आगे की कार्रवाई की सिफारिश की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए नौटियाल को निलंबित कर जोशीमठ स्थित समिति कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। जांच पूरी होने तक उन्हें बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 (मालिक की संपत्ति की कर्मचारी द्वारा चोरी) और धारा 316(5) (आपराधिक न्यासभंग) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि दान राशि के प्रबंधन से जुड़े सभी दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तार से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है या नहीं।

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रंगड़ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कर्मचारी का जवाब संदिग्ध पाया गया, जिसके आधार पर पुलिस कार्रवाई की सिफारिश की गई। साथ ही समिति ने भविष्य में दान प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।

यह मामला देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में दान प्रबंधन की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस और मंदिर समिति की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।