देश कोई धर्मशाला नहीं है – गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान

Home Minister Amit Shah addressing Intelligence Bureau NSS Conference speaking on national security and illegal immigration issues.
देश के गृह मंत्री अमित शाह Home Minister Amit Shah का एक बयान इस समय देश की राजनीति में छाया हुआ है. इस बार उन्होंने घुसपैठियों के मुद्दे को लेकर बड़ा बयान दिया और कहा कि देश कोई धर्मशाला नहीं है. अमित शाह के इस बयान से एक बार फिर साफ हो गया है कि मोदी सरकार घुसपैठियों Amit Shah on Illegal Immigrants को लेकर किसी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं है.
आगे अमित शाह ने कहा कि देश में रहने का
अधिकार केवल नागरिकों को है और इसके अलावा कोई इस देश में गलत तरीके से नहीं रह
सकता है. अमित शाह ने चेतावानी जारी करते हुए कहा कि घुसपैठिए देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा हैं। सरकार का लक्ष्य देश को
घुसपैठियों से मुक्त करने का है. अमित शाह द्वारा ये बातें इंटेलिजेंस ब्यूरो की
नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजीज (NSS) कॉन्फ्रेंस NSS Conference Amit Shah में कही गई थी.
अमित शाह का पूर्व
की सरकारों पर वार
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में आगे कहा कि सरकार ने सुरक्षा के तीन बड़े केंद्रों- नक्सलवाद, जम्मू-कश्मीर का आतंकवाद और पूर्वोत्तर के उग्रवाद से जुड़ी चुनौतियां खत्म कर दी हैं। इसका श्रेय देश की सभी राज्यों की पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिसबलों को जाता है। वहीं अमित शाह ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधा और कहा कि अगर पिछली सरकारों ने नशीले पदार्थों, नक्सलवाद की समस्याओं को गंभीर होने से पहले समझ लिया होता, तो देश को दशकों तक इनका खामियाजा नहीं भुगतना पड़ता।
‘7 साल में 274 भगोड़े विदेश से लाए गए’
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2019 से 2026 के बीच तकरीबन 274 भगोड़ों को विदेश से वापस लाया गया है। सभी राज्य लक्ष्य तय करें कि विदेश में बैठे भगोड़ों को देश के कानून के दायरे में लाया जाए। NDA सरकार ने मल्टी एजेंसी सेंटर को भी अपग्रेड किया है, ताकि यह कई स्तरों पर नतीजे देने वाला प्लेटफॉर्म बन सके।
‘एक साल में नए कानून 100 प्रतिशित लागू
होंगे’
अमित शाह ने कहा
कि 1 साल में तीनों नए कानून 100 प्रतिशित लागू
होंगे। इससे आपराधिक मामलों का निपटारा सुप्रीम कोर्ट तक तीन साल में हो पाएगा और
सजा की दर 25 फीसदी बढ़ेगी। NSS फोरम को 15 से 20 साल आगे की सुरक्षा चुनौतियों का अनुमान लगाकर उन्हें बड़े खतरे बनने
से रोकने की रणनीति बनानी चाहिए।
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About the Author: एडमिन
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