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देश कोई धर्मशाला नहीं है – गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान

Home Minister Amit Shah addressing Intelligence Bureau NSS Conference speaking on national security and illegal immigration issues.

Home Minister Amit Shah addressing Intelligence Bureau NSS Conference speaking on national security and illegal immigration issues.

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एडमिननई दिल्ली, 26 अगस्त 2026, (अपडेटेड 12:35 pm)

देश के गृह मंत्री अमित शाह Home Minister Amit Shah का एक बयान इस समय देश की राजनीति में छाया हुआ है. इस बार उन्होंने घुसपैठियों के मुद्दे को लेकर बड़ा बयान दिया और कहा कि देश कोई धर्मशाला नहीं है. अमित शाह के इस बयान से एक बार फिर साफ हो गया है कि मोदी सरकार घुसपैठियों Amit Shah on Illegal Immigrants को लेकर किसी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं है.

आगे अमित शाह ने कहा कि देश में रहने का अधिकार केवल नागरिकों को है और इसके अलावा कोई इस देश में गलत तरीके से नहीं रह सकता है. अमित शाह ने चेतावानी जारी करते हुए कहा कि घुसपैठिए देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा हैं। सरकार का लक्ष्य देश को घुसपैठियों से मुक्त करने का है. अमित शाह द्वारा ये बातें इंटेलिजेंस ब्यूरो की नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजीज (NSS) कॉन्फ्रेंस NSS Conference Amit Shah में कही गई थी.

अमित शाह का पूर्व की सरकारों पर वार

गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में आगे कहा कि सरकार ने सुरक्षा के तीन बड़े केंद्रों- नक्सलवाद, जम्मू-कश्मीर का आतंकवाद और पूर्वोत्तर के उग्रवाद से जुड़ी चुनौतियां खत्म कर दी हैं। इसका श्रेय देश की सभी राज्यों की पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिसबलों को जाता है। वहीं अमित शाह ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधा और कहा कि अगर पिछली सरकारों ने नशीले पदार्थों, नक्सलवाद की समस्याओं को गंभीर होने से पहले समझ लिया होता, तो देश को दशकों तक इनका खामियाजा नहीं भुगतना पड़ता।

Amit Shah on Illegal Immigrants
Amit Shah on Illegal Immigrants

7 साल में 274 भगोड़े विदेश से लाए गए

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2019 से 2026 के बीच तकरीबन 274 भगोड़ों को विदेश से वापस लाया गया है। सभी राज्य लक्ष्य तय करें कि विदेश में बैठे भगोड़ों को देश के कानून के दायरे में लाया जाए। NDA सरकार ने मल्टी एजेंसी सेंटर को भी अपग्रेड किया है, ताकि यह कई स्तरों पर नतीजे देने वाला प्लेटफॉर्म बन सके।

एक साल में नए कानून 100 प्रतिशित लागू होंगे

अमित शाह ने कहा कि 1 साल में तीनों नए कानून 100 प्रतिशित लागू होंगे। इससे आपराधिक मामलों का निपटारा सुप्रीम कोर्ट तक तीन साल में हो पाएगा और सजा की दर 25 फीसदी बढ़ेगी। NSS फोरम को 15 से 20 साल आगे की सुरक्षा चुनौतियों का अनुमान लगाकर उन्हें बड़े खतरे बनने से रोकने की रणनीति बनानी चाहिए।

पहले भी दे चुके हैं ऐसा बयान

अमित शाह ने इससे पहले मार्च 2026 में लोकसभा में Immigration and Foreigners Bill, 2025 पर चर्चा के दौरान भी भारत को 'धर्मशाला' न होने की बात कही थी। उस समय उन्होंने कानूनी तरीके से भारत आने वालों और अवैध रूप से प्रवेश करने वालों के बीच अंतर पर जोर दिया था।

अपराध, ड्रग्स और आतंकवाद पर भी जोर

NSSC में गृह मंत्री ने केवल घुसपैठ ही नहीं, बल्कि आतंकवाद, नशीले पदार्थों और संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने पर भी जोर दिया।
उन्होंने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से उपलब्ध डेटा का बेहतर इस्तेमाल करने तथा Artificial Intelligence और डेटा विश्लेषण के माध्यम से भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों की पहचान करने की आवश्यकता बताई।

डेटा और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर

अमित शाह ने Crime and Criminal Tracking Network & Systems (CCTNS), Interoperable Criminal Justice System (ICJS), National Intelligence Grid (NATGRID) और National Automated Fingerprint Identification System (NAFIS) जैसे सिस्टम से उपलब्ध जानकारी को एकीकृत तरीके से इस्तेमाल करने पर जोर दिया।
उन्होंने युवा अधिकारियों को डेटा विश्लेषण, AI और अपराधियों के काम करने के तरीकों की पहचान के माध्यम से actionable intelligence तैयार करने की दिशा में काम करने की सलाह दी।

विकसित भारत 2047 और आंतरिक सुरक्षा

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत आंतरिक सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से बदलते वैश्विक माहौल और नई तकनीकी चुनौतियों के अनुसार अपनी रणनीति को लगातार अपडेट करने का आह्वान किया।

निष्कर्ष

अमित शाह का यह बयान केंद्र सरकार की सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त नीति को दर्शाता है। NSSC में दिए गए उनके संबोधन में घुसपैठ के साथ-साथ आतंकवाद, ड्रग्स, साइबर मिसइन्फॉर्मेशन, डेटा इंटेलिजेंस और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों पर भी व्यापक चर्चा हुई।

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