मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिकी सेना द्वारा लगातार दूसरे दिन ईरान के ठिकानों पर हमले किए जाने के बाद क्षेत्र में हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं। इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन स्थित अमेरिकी अल-अज़राक (Al-Azraq) एयरबेस को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। संघर्ष के बीच बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए, जबकि कुवैत ने मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों को लेकर अलर्ट जारी किया। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं ईरान के कई शहरों में विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। दक्षिण-पूर्वी शहर ईरानशहर (Iranshahr) में एक व्यक्ति की मौत की भी सूचना मिली है, हालांकि घटनाओं के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों के खिलाफ की गई कार्रवाई के जवाब में अमेरिका ने सैन्य अभियान चलाया है। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए जवाबी कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए हैं। इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की खबर भी चर्चा में है। हालांकि इस संबंध में विभिन्न स्रोतों से अलग-अलग दावे सामने आए हैं और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। लगातार बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच टकराव नहीं थमा, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। दुनिया भर की निगाहें अब इस संकट के अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।