पंजाब में माइनिंग सिस्टम होगा डिजिटल, 171 क्रशर ट्रैक होंगे

पंजाब सरकार ने खनन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए पंजाब माइनिंग मैनेजमेंट सिस्टम (PMMS) को डिजिटल रूप देने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में खनन विभाग ने रोपड़ जिले के 171 स्टोन क्रशरों पर मौजूद लघु खनिजों के स्टॉक की माप और रिकॉर्डिंग शुरू की है। विभाग के अनुसार, यह प्रक्रिया नए डिजिटल सिस्टम के पूरी तरह लागू होने से पहले शुरुआती स्टॉक दर्ज करने में मदद करेगी।

खनन से लेकर डिलीवरी तक होगी डिजिटल निगरानी

पंजाब सरकार ने इसी महीने PMMS पोर्टल शुरू किया है। इसका उद्देश्य खनन की पूरी प्रक्रिया को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। इसमें खनिज निकालने, परिवहन, स्टोन क्रशर में प्रोसेसिंग और अंतिम उपभोक्ता तक डिलीवरी की निगरानी शामिल होगी।

नए सिस्टम के तहत डिजिटल भुगतान को इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाएगा। खनिज ले जाने वाले वाहनों को VAHAN से लिंक करने की योजना है। इसके अलावा FASTag और चेक पोस्ट पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

अवैध खनन पर लगेगी लगाम

रोपड़ में स्टॉक का रिकॉर्ड तैयार करने की कवायद इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अवैध रूप से निकाले गए खनिजों को कानूनी स्रोत से प्राप्त सामग्री के साथ मिलाकर बेचने के आरोप सामने आते रहे हैं। नए सिस्टम से विभाग भविष्य में क्रशरों की खरीद, उत्पादन और सप्लाई की तुलना शुरुआती स्टॉक से कर सकेगा।

विभाग क्रशर यूनिटों को PSPCL के स्मार्ट मीटर से जोड़ने की भी योजना बना रहा है। बिजली की खपत को उत्पादन की निगरानी के अतिरिक्त संकेतक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

रोपड़ में पर्यावरण नियमों को लेकर भी सवाल

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सामने पेश पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक रोपड़ के 171 स्टोन क्रशरों में से 153 का निरीक्षण किया गया था। इनमें केवल 10 इकाइयां पर्यावरणीय मानकों के पूरी तरह अनुरूप पाई गईं, जबकि 71 गैर-अनुपालन वाली और 55 आंशिक रूप से अनुपालन वाली थीं।

PMMS के लागू होने से सरकार को खनन सामग्री की आवाजाही और रिकॉर्ड पर ज्यादा नियंत्रण मिलने की उम्मीद है।

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