नेपाल में मौत से मातम, सामूहिक जलाए जा रहे शव

Nepal floods death toll rises rescue operations in Trishuli hydro project
नेपाल में आई बाढ़ के चलते अभी भी हालत बिलकुल सामान्य नहीं हुई है ना लोगों की मुश्किलें कम हुई है ना ही प्रशासन की ओर से कोई राहत भरी खबर सामने आई है. दरअसल अभी भी मौतों को आंकड़ा लगातार बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है ऐसे में खबर सामने आई है कि मौतों का आंकड़ा 788 तक पहुंच गया है जबकि 2500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं ऐसे में हजारों परिवार लापता लोगों की तलाश में जुठे हैं इसी बीच कहीं ऐसे शव भी मिले हैं जिनकी पहचान नहीं हो सकी है ऐसे मामलों में पहचान से जुड़े सबूत सुरक्षित रखते हुए अंतिम प्रक्रिया पूरी की जा रही है अब तक 9435 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है मगर पानी का स्तर फिर बढ़ने से मुश्किलें बढ़ गई है.
नेपाल में कैसे हैं ताजा हालात ?
भोटेकोशी नदी नदी का जलस्तर बढ़ने पर लोगों को सावधानी बरतनी की
चेतावनी दी गई है. इसी बीच मध्य नेपाल में त्रिशूली नदी का पानी भी तूफान पर है
लगातार होती हुई बारिश के चलते घ्यालचोक-चारौदी पुल बह गया. करीब 130 मीटर लंबा यह
पुल गोरखा जिले के घ्यालचोक इलाके को पृथ्वी हाईवे से जोड़ता था. पुल टूटने से
आसपास के करीब 400 परिवारों का मुख्य रास्ता बंद हो गया है. पुल टूटने से तकरीबन
400 परिवारों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है वहीं दूसरी ओर बाढ़ के साथ आई गाद और
मलबे ने कई इलाकों में सूरत बदल दी है. कई इलाकों में मकान के मलबे के चलते लोगों
को रहने और खाने की दिक्कत हो रही है. चीन बॉर्डर को जोड़ने वाला अहम मार्ग टूट
चुका है जिससे व्यापारी भी काफी परेशान हो गए हैं. राहत की खबर अभी
तक कोई सामने नहीं आई है सबसे मुश्किल काम हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट सुरंग में चल
रहा है. रसुवा
के 'अपर
त्रिशूली-1' प्रोजेक्ट में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाली सेना के
साथ भारत, चीन
और दक्षिण कोरिया के एक्सपर्ट्स भी जुटे हुए हैं. वहीं भारतीय विशेषज्ञों के सहयोग
से रसुवा में दो दिनों के भीतर 250 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है.
भारतीय टीम सुरंग के करीब तीन किलोमीटर भीतर तक जाकर लोगों की तलाश कर रही है.
ये भी पढ़ें- Nepal Flash Flood: Lhende River पर झील टूटने का खतरा
नेपाल में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
सुरंग के भीतर एक छोटी सी रास्ता बनाया गया था लेकिन लोगों की कोई आवाज या हलचल नहीं मिली थी जिसके बाद भारी मशीनों की मदद से रास्ते को चौड़ा किया गया और रेस्क्यू टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किया. खबर यह भी सामने आ रही है की बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में शव बरामद होने से नेपाल के सामने एक और मुश्किल खड़ी हो गई है. कहीं शवों की पहचान नहीं हो पाई ऐसे में उनकी पहचान और जरूरी जांच के बाद सामूहिक रूप से अंतिम संस्कार किया जा रहे हैं परिवार अपने लापता लोगों की तलाश में अभी जुटे हैं.
नेपाल में बाढ़ से व्यापार पर असर
इसके अलावा चीन बॉर्डर की तरह जाने वाली मुख्य सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह जाने से राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित हुआ है रास्ते को दुरुस्त करने के लिए कहीं टीम में एक साथ काम कर रही हैं रेस्क्यू ऑपरेशन की लेकर जानकारी देते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री पालन शाह ने बताया कि अब तक 9435 लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर भेजा गया है इसके लिए 394 हवाई उड़ने भरी गई है जिससे लोगों को राहत मिल रही है.
वहीं नेपाल के लिए राहत सामग्री की चौथी खेप भारतीय वायुसेना ने नेपाल भेज दी है .इससे सुरंग बचाव के उपकरण तकनीकी समान तथा डीएनए जान से जुड़ी जरूरी उपकरण शामिल है भारत अब तक 68.5 राहत सामग्री नेपाल पहुंच चुका है इसमें दवाई पोर्टेबल जनरेटर खाने के पैकेट पानी साफ करने वाली गोलियां कंबल स्लीपिंग बैग ट्रिपल तथा हाइजीन किट जैसी जरूरी चीज हैं इसके साथ ही बाढ़ से टूटे संपर्क रास्तों को फिर से जोड़ने के लिए स्टील और बेली ब्रिज का सामान भी भेजा जा रहा है.
About the Author: Vivek
Vivek is a dedicated journalist and reporter for HBN News 24, committed to bringing you the most accurate and fastest news updates from ground zero.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!