HBN News 24 Logo

डीआर कांगो में इबोला का कहर: 75 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित, WHO ने बढ़ते खतरे को लेकर चेताया

DR Congo Ebola Outbreak Infects 75 Health Workers, WHO Warns of Rising Cases and Death Risks

DR Congo Ebola Outbreak Infects 75 Health Workers, WHO Warns of Rising Cases and Death Risks

Author
Ankit Chauhanनई दिल्ली, 20 जून 2026, (अपडेटेड 06:06 am)

अफ्रीकी देश Democratic Republic of the Congo (डीआर कांगो) में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। World Health Organization (WHO) के अनुसार, 15 मई को आधिकारिक रूप से घोषित इस प्रकोप के बाद से अब तक 75 स्वास्थ्यकर्मी इबोला वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें से 17 की मौत हो चुकी है। WHO की आपातकालीन निदेशक Marie Roseline Belizaire ने चेतावनी दी है कि यह स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है, क्योंकि देश पहले से ही स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी का सामना कर रहा है।

WHO के मुताबिक, अधिकांश संक्रमित मरीजों में शुरुआती चरण में रक्तस्राव जैसे सामान्य इबोला लक्षण दिखाई नहीं देते। इसी कारण कई लोग घर पर ही स्वयं उपचार करने लगते हैं या पारंपरिक उपचारकर्ताओं की मदद लेते हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि इबोला से मृत व्यक्ति का शव जीवित संक्रमित व्यक्ति की तुलना में अधिक संक्रामक हो सकता है।

अब तक डीआर कांगो में 896 पुष्ट इबोला मामलों और 232 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। संक्रमण तीन प्रांतों के 33 स्वास्थ्य क्षेत्रों में फैल चुका है, जबकि नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्थिति को देखते हुए WHO ने निगरानी, जांच और उपचार गतिविधियों को और तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने भी चेतावनी दी है कि विस्थापित लोगों के शिविरों में भीड़भाड़ और खराब स्वच्छता संक्रमण के खतरे को बढ़ा रही है। इटुरी प्रांत के 60 से अधिक शिविरों में लगभग 2.7 लाख लोग रह रहे हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं। इन शिविरों में स्वच्छ पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्याप्त सफाई सुविधाओं की कमी बनी हुई है।

वहीं, Africa CDC ने कहा है कि सीमित संपर्क-अनुसरण क्षमता, सुरक्षा चुनौतियां और वित्तीय संसाधनों की कमी महामारी नियंत्रण प्रयासों में बड़ी बाधा बनी हुई हैं। हालांकि परीक्षण और उपचार क्षमता में सुधार हुआ है, फिर भी विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण को रोकने के लिए अधिक संसाधनों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो इबोला का यह प्रकोप और अधिक क्षेत्रों में फैल सकता है तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

Ankit Chauhan

About the Author: Ankit Chauhan

Ankit Chauhan is a dedicated journalist and reporter for HBN News 24, committed to bringing you the most accurate and fastest news updates from ground zero.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!

लेटेस्ट