18th BRICS Summit New Delhi: Putin-Modi की द्विपक्षीय वार्ता

Prime Minister Narendra Modi greeting Russian President Vladimir Putin at Bharat Mandapam New Delhi for BRICS Summit
18th BRICS Summit Starts in New Delhi: भारत मंडपम में जुटे दुनिया भर के दिग्गज नेता, PM Modi और Vladimir Putin के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता
भारत की अध्यक्षता में 18वें BRICS Summit का औपचारिक आगाज़ राजधानी New Delhi स्थित भव्य Bharat Mandapam में हो गया है। 'Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability' की थीम पर आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के शीर्ष राष्ट्र प्रमुख और कूटनीतिज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। भारत चौथी बार ब्रिक्स सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है, जहाँ वैश्विक व्यापार, लोकल करेंसी पेमेंट सिस्टम और आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) को मजबूत करने जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा केंद्रित है।
PM Modi and Vladimir Putin Bilateral Meeting में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
मुख्य शिखर सम्मेलन से ठीक पहले Prime Minister Narendra Modi और Russian President Vladimir Putin के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई। इस वार्ता के दौरान वर्ष 2030 तक वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को $100 billion तक पहुँचाने, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और सिविल न्यूक्लियर क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी। सांस्कृतिक कूटनीति को बढ़ावा देते हुए पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को तमिल साहित्य के प्रसिद्ध ग्रंथ Thirukkural का रूसी अनुवाद उपहार स्वरूप भेंट किया।
BRICS Summit 2026 में कौन-कौन से World Leaders ले रहे हैं हिस्सा?
नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में विस्तारित ब्रिक्स समूह के प्रमुख नेता शिरकत कर रहे हैं। इनमें Chinese President Xi Jinping (जो लगभग सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारत दौरे पर पहुंचे हैं), Iranian President Masoud Pezeshkian, Indonesian President Prabowo Subianto, Egyptian President Abdel Fattah El-Sisi और South African President Cyril Ramaphosa शामिल हैं। इसके अलावा मलेशिया, वियतनाम, नाइजीरिया और यूएई जैसे भागीदार देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इस मंच का हिस्सा बने हैं।
New Delhi BRICS Summit के प्रमुख Economic Agendas और प्राथमिकताएं क्या हैं?
नई दिल्ली सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में लागत कम करना और उभरती अर्थव्यवस्थाओं (emerging economies) के लिए वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना है:
Local Currency Trade: सदस्य देशों के बीच राष्ट्रीय मुद्राओं (national currencies) में व्यापारिक भुगतान को बढ़ावा देना।
Cross-Border Payments: BRICS Payment Task Force के माध्यम से डिजिटल भुगतान प्रणाली और अंतर-बैंक संपर्क को सरल बनाना।
Global Governance Reform: संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में ग्लोबल साउथ (Global South) की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को बढ़ाना।
Supply Chain Resilience: वैश्विक तनावों के बीच खाद्य, ऊर्जा और क्रिटिकल मिनरल्स (critical minerals) की आपूर्ति श्रृंखला को निर्बाध रखना।
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About the Author: Ushnish Sharma
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