पंजाब में 48.48 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली के लिए 13 संपत्तियों की होगी नीलामी, OTS योजना की समय सीमा बढ़ी

पंजाब सरकार ने बकाया कर (Tax) वसूली को लेकर बड़ा कदम उठाया है। राज्य के आबकारी एवं कराधान विभाग ने करीब 48.48 करोड़ रुपये के लंबित टैक्स की वसूली के लिए 13 संपत्तियों की नीलामी करने का फैसला किया है। इसके साथ ही सरकार ने करदाताओं को राहत देते हुए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी है, ताकि पात्र व्यापारी और करदाता अपने पुराने कर विवादों का निपटारा कर सकें।

13 संपत्तियों की होगी नीलामी

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि टैक्स बकाया नहीं चुकाने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। विभाग ने अगस्त महीने में 13 संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया तय की है, जिससे लगभग 48.48 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का कहना है कि लगातार नोटिस के बावजूद बकाया राशि जमा न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

OTS योजना की समय सीमा 30 सितंबर तक बढ़ी

सरकार ने प्री-जीएसटी (Pre-GST) कर विवादों के निपटारे के लिए चल रही वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी है। पहले यह योजना 31 जुलाई तक लागू थी। सरकार का कहना है कि व्यापारियों की मांग को देखते हुए यह अंतिम अवसर दिया गया है और इसके बाद किसी प्रकार का विस्तार नहीं किया जाएगा।

हजारों करदाताओं को मिलेगा लाभ

सरकार के अनुसार, अब तक हजारों करदाताओं ने OTS योजना का लाभ उठाया है। इस योजना के तहत पात्र करदाताओं को ब्याज और जुर्माने में बड़ी राहत दी जा रही है, जिससे वर्षों से लंबित कर विवादों का समाधान आसान हो सके। सरकार का दावा है कि योजना से राजस्व संग्रह बढ़ेगा और व्यापारियों को भी राहत मिलेगी।

डिफॉल्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर के बाद बकाया कर नहीं चुकाने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें बैंक खाते फ्रीज करना, संपत्तियों की नीलामी और पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम के तहत वसूली जैसी कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है। सरकार ने सभी पात्र करदाताओं से समय रहते OTS योजना का लाभ उठाने की अपील की है।