UNSC 2028-29 के लिए भारत ने शुरू किया अभियान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पेश किया 'SHANTI' विजन

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में वर्ष 2028-29 के लिए अस्थायी सदस्य (Non-Permanent Member) बनने की अपनी आधिकारिक दावेदारी का अभियान शुरू कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारत का 'SHANTI' विजन पेश किया, जो वैश्विक शांति, सहयोग और न्यायपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

जयशंकर ने बताया कि SHANTI का अर्थ है Securing Holistic Advancement through Norms, Trust and Integrity। उन्होंने कहा कि आज दुनिया युद्ध, आतंकवाद, भू-राजनीतिक तनाव और मानवीय संकट जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है और भारत एक जिम्मेदार वैश्विक भागीदार के रूप में शांति, विकास और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अपने संबोधन में विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों (UN Peacekeeping) में भारत के लंबे योगदान, विकासशील देशों के साथ साझेदारी और ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत का उद्देश्य नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को सुदृढ़ करना, संयुक्त राष्ट्र में आवश्यक सुधारों को आगे बढ़ाना तथा वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना है।

भारत ने अपने अभियान के तहत संयुक्त राष्ट्र में सुधार, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शांति अभियानों को मजबूत करने, समुद्री सुरक्षा, मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक जैसे प्रमुख मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही है।

भारत इससे पहले 2021-22 के कार्यकाल में UNSC का अस्थायी सदस्य रह चुका है। वर्ष 2028-29 के लिए होने वाले चुनाव में भारत एशिया-प्रशांत समूह की सीट के लिए समर्थन जुटा रहा है। विदेश मंत्रालय को उम्मीद है कि भारत का मजबूत कूटनीतिक रिकॉर्ड, शांति अभियानों में योगदान और वैश्विक दक्षिण के हितों की वकालत उसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिलाएगी।