पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पंजाब पुलिस की जांच ने इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गिरोह वर्षों से आधुनिक तकनीक की मदद से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल करवाने का काम कर रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था की साख से कोई समझौता नहीं करेगी।
जांच के अनुसार, आरोपियों द्वारा बेहद छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, माइक्रो कम्युनिकेशन डिवाइस, संशोधित मोबाइल फोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर परीक्षार्थियों को उत्तर पहुंचाए जा रहे थे। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क का संचालन संगठित तरीके से किया जा रहा था और इसकी जांच अभी जारी है।
सरकार का कहना है कि अब तक की जांच में पेपर लीक के बजाय संगठित चीटिंग रैकेट के सबूत सामने आए हैं। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पंजाब पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया।
पुलिस इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, तकनीकी उपकरणों की खरीद और अन्य राज्यों से जुड़े संभावित लिंक की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।