कांग्रेस का 'संगठन सृजन अभियान', संगठन को मजबूत करने की पहल

अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) ने अपने अहमदाबाद अधिवेशन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर 'संगठन सृजन अभियान' की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिला कांग्रेस समितियों (DCC) से शुरुआत करते हुए पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को अधिक सशक्त, जवाबदेह और जनता से सीधे तौर पर जोड़ने योग्य बनाना है।
अभियान के मुख्य बिंदु:
जिला समितियों का पुनर्गठन और सशक्तिकरण: इस अभियान के तहत जिला कांग्रेस अध्यक्षों (DCC Presidents) के चयन, नियुक्ति और सशक्तिकरण की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। साथ ही, जिला स्तर पर कार्यकारी समितियों का पुनर्गठन होगा और स्थानीय, प्रांतीय एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए नई 'जिला राजनीतिक मामलों की समितियाँ' बनाई जाएंगी।
व्यापक परामर्श प्रक्रिया: AICC द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक (Observers) पार्टी कार्यकर्ताओं, निर्वाचित प्रतिनिधियों, पूर्व पदाधिकारियों और नागरिक समाज (Civil Society) से गहन परामर्श करके सबसे उपयुक्त नेतृत्व की तलाश कर रहे हैं।
ब्लॉक, मंडल और ग्राम स्तर तक विस्तार: जिला समितियों के पुनर्गठन के बाद ब्लॉक, मंडल और ग्राम स्तर की कांग्रेस समितियों को सक्रिय करने की प्रक्रिया शुरू होगी, ताकि देश के हर कोने में पार्टी की मौजूदगी मजबूत हो सके।
वैचारिक आधार: यह अभियान केवल प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि 'भारत जोड़ो यात्रा' और 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के संदेश—न्याय, समावेश और धर्मनिरपेक्षता—को संगठनात्मक रूप देने की एक राजनीतिक व वैचारिक पहल है।
विकेंद्रीकरण और विविधता: अभियान का उद्देश्य सत्ता का विकेंद्रीकरण करना और SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक वर्ग, महिलाओं, युवाओं तथा समर्पित कार्यकर्ताओं को नेतृत्व के अवसर प्रदान करना है।
कार्यकर्ताओं और नागरिकों से अपील: पार्टी ने कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र के शुभचिंतकों से अपील की है कि वे ऐसे नेताओं की पहचान में मदद करें जो विनम्रता, दूरदृष्टि और साहस के साथ कांग्रेस के मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हों।
पर्यवेक्षकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना कार्य पूरा कर AICC को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे इस अभियान का त्वरित और सुव्यवस्थित क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।