शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी सांसद संजय राउत के एक रहस्यमयी सोशल मीडिया पोस्ट ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राउत ने अपने संदेश में लिखा कि "कुछ लोग कुत्तों की तरह होते हैं, लेकिन वफादार नहीं होते", जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) संभावित दूसरी बड़ी टूट की आशंकाओं का सामना कर रही है। इससे पहले वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुए विद्रोह ने पार्टी को बड़ा झटका दिया था और शिवसेना दो गुटों में बंट गई थी। अब एक बार फिर कई नेताओं के दल बदलने की चर्चाएं राजनीतिक माहौल को गर्म कर रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजय राउत का यह पोस्ट पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों और संभावित असंतोष की ओर संकेत हो सकता है। हालांकि राउत ने अपने बयान में किसी नेता या व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे पार्टी के अंदरूनी हालात से जोड़कर देखा जा रहा है।
‘ऑपरेशन टाइगर’ शब्द हाल के दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में काफी चर्चा में रहा है। माना जा रहा है कि कुछ नेता दूसरे राजनीतिक दलों के संपर्क में हैं, जिससे उद्धव ठाकरे गुट की चिंताएं बढ़ गई हैं। विपक्षी दलों और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर भी इस घटनाक्रम पर बनी हुई है।
फिलहाल पार्टी की ओर से किसी संभावित टूट या बगावत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन संजय राउत का यह बयान आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े घटनाक्रम का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में अब इस बात पर नजर रहेगी कि क्या ‘ऑपरेशन टाइगर’ महज अटकल है या फिर इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक खेल चल रहा है।