पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी स्थित वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण वर्षों से जमा कचरे (लीगेसी वेस्ट) का विशाल ढेर अचानक खिसक गया और पास में स्थित तीन मंजिला इमारत पर गिर पड़ा। इस भीषण दुर्घटना में इमारत पूरी तरह ढह गई और कई कर्मचारी मलबे के नीचे दब गए।
शुरुआती जानकारी के अनुसार लगभग 23 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी। इनमें से कुछ लोग अपनी जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि राहत और बचाव दल ने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। गुरुवार सुबह तक 9 लोगों को जीवित बचाया जा चुका था, जबकि मलबे से एक शव बरामद किया गया। अधिकारियों का कहना है कि अभी भी 7 से 8 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), भारतीय सेना, पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) की फायर ब्रिगेड, पीएमआरडीए फायर ब्रिगेड और पुलिस संयुक्त रूप से युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। बचाव कार्य के दौरान भारी मशीनों का सीमित उपयोग किया जा रहा है ताकि मलबे में कंपन न हो और फंसे लोगों की जान को अतिरिक्त खतरा न पहुंचे। कई स्थानों पर मलबा हाथों से हटाया जा रहा है।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरिश महाजन ने घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि बचाव दल का कुछ फंसे लोगों से संपर्क हुआ है। उन्हें पानी और बिस्कुट भी पहुंचाए गए हैं ताकि बचाव पूरा होने तक उनकी स्थिति स्थिर बनी रहे।
नगर आयुक्त विजय सूर्यवंशी के अनुसार पिछले 30 से 35 घंटों में 600 मिमी से अधिक बारिश हुई, जिससे कचरे के पहाड़ में पानी भर गया और वह भूस्खलन की तरह इमारत की ओर बह निकला। यह वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट एंटनी लारा रिन्यूएबल एनर्जी द्वारा पीसीएमसी के सहयोग से संचालित किया जाता है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और राहत अभियान लगातार जारी है।