कनाडा में यहूदी विरोध पर कार्नी की कड़ी चेतावनी

कनाडा में यहूदी विरोध पर कार्नी की कड़ी चेतावनी
Canada के प्रधानमंत्री Mark Carney ने देश में बढ़ती यहूदी-विरोधी (एंटीसेमिटिज्म) घटनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कनाडा यहूदी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहा है और यहूदी नागरिक लगातार निशाना बनाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, स्थिति अब इतनी गंभीर हो चुकी है कि इसके लिए विशेष और लक्षित कार्रवाई की आवश्यकता है।
टोरंटो में दिए गए अपने बयान में कार्नी ने कहा कि यहूदी विरोध केवल कनाडा की समस्या नहीं है, बल्कि यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों में भी यह चुनौती तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि कनाडा में यह संकट "विशिष्ट, गंभीर और तत्काल ध्यान देने योग्य" है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में यहूदी समुदाय से जुड़े संस्थानों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों और सामुदायिक केंद्रों को धमकियों, तोड़फोड़ और घृणा अपराधों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को उसकी धार्मिक पहचान के कारण भय में जीवन नहीं बिताना चाहिए और सरकार इस स्थिति को स्वीकार नहीं कर सकती।
कार्नी ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों, स्थानीय प्रशासन और सामुदायिक संगठनों के साथ मिलकर घृणा अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान किया जाएगा, लेकिन नफरत, हिंसा और किसी समुदाय को निशाना बनाने वाली गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और बढ़ते सामाजिक ध्रुवीकरण के बीच कई पश्चिमी देशों में यहूदी-विरोधी घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे माहौल में कनाडा सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह यहूदी समुदाय की सुरक्षा मजबूत करे और घृणा अपराधों के खिलाफ अधिक प्रभावी नीतियां लागू करे।
प्रधानमंत्री कार्नी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में धार्मिक सहिष्णुता, बहुसांस्कृतिक समाज और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चा चल रही है। उनका संदेश स्पष्ट है कि कनाडा को अपने यहूदी नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए अधिक निर्णायक कदम उठाने होंगे।
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