सावधान : मलेरिया की दवा से मासूम की मौत, जांच जारी

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मानसून के साथ ही बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में देश के करीब सभी अस्पतालो में मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिला है. वहीं इसी बीच आंध्र प्रदेश के पोलावरम जिले के गोल्लागुप्पा गांव से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां एंटी-मलेरिया दवा 7 साल की मासूम बच्ची को इसलिए दी गई थी कि वो ठीक हो जाए. लेकिन दवाई खाने के बाद बच्ची की मौत हो गई. जिसके बाद से परिवार में मातम का माहौल है और वे अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. बच्ची की पहचान मदिवी जमुना के रूप में हुई है।
71 लोगों को बांटी गई थी क्लोरोक्वीन की टेबलेट
बताया जा रहा है कि मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में मेडिकल कैंप लगाया गया था. इस दौरान गांव में 70 से ज्यादा लोगों को क्लोरोक्वीन की टेबलेट बांटी गई थी. जिसके बाद गांव के बच्चों और कुछ ग्रामीणों को पेट में दर्द, उल्टी और चक्कर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा. मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ मरीजों को लक्ष्मीपुरम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और कुछ को तेलंगाना के भद्राचलम एरिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. वहीं प्रशासन की ओर से गांव में एक मेडिकल कैंप भी लगाया गया जहां डॉक्टरों की तैनाती की गई. काकीनाडा से 9 सदस्यीय टीम गांव पहुंची, और विजयवाड़ा, राजामहेंद्रवरम और काकीनाडा से भी तीन टीमों को गांव में भेजा गया.
मामले को लेकर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू दिखे गंभीर
एक साथ इतने लोगों की तबीयत खराब होने के बाद सरकार भी सतर्क हुई और
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों से इस मामले को पूरी जानकारी हासिल की.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए की मरीजों को बेहतर इलाज दिया जाए. साथ
ही मामले को व्यापक जांच के आदेश भी दिए गए. हालांकि अभी तक की जांच में क्या कुछ निकलकर
सामने आया है. इसको लेकर जानकारी साझा नहीं की गई है.
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एंटी-मलेरिया दवा होती है क्लोरोक्वीन
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्लोरोक्वीन एक एंटी-मलेरिया दवाई है, जिसका प्रयोग कई प्रकार की मलेरिया के इलाज और कुछ परिस्थितियों में बचाव के लिए भी किया जाता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, यह खास तौर पर पी. विवैक्स मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल की जाती है।
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