राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) री-एग्जाम को लेकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने सभी मेडिकल संस्थानों से कहा है कि पुनर्परीक्षा अवधि के दौरान छात्रों को किसी भी प्रकार की छुट्टी न दी जाए। यह निर्देश शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया है।
NMC के अनुसार, NEET-UG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है और इसकी पारदर्शिता तथा सुचारू संचालन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से मेडिकल कॉलेजों को निर्देशित किया गया है कि वे परीक्षा से जुड़े कार्यों और व्यवस्थाओं में सहयोग करें तथा छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करें।
आयोग का मानना है कि री-एग्जाम के दौरान छुट्टियां दिए जाने से परीक्षा प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। इसलिए सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों से कहा गया है कि वे परीक्षा अवधि में किसी भी प्रकार की विशेष छुट्टी, अवकाश या गैर-जरूरी अनुपस्थिति की अनुमति न दें।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब NEET-UG परीक्षा को लेकर देशभर में लाखों छात्र और अभिभावक नजर बनाए हुए हैं। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर पहले भी कई चर्चाएं और विवाद सामने आ चुके हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित एजेंसियां परीक्षा प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के पूरा करने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि NMC का यह कदम परीक्षा प्रबंधन को मजबूत बनाने और प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे परीक्षा संचालन में शामिल संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी बनी रहेगी।
फिलहाल मेडिकल कॉलेजों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है। आने वाले दिनों में NEET-UG री-एग्जाम से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं और दिशा-निर्देशों पर भी नजर बनी रहेगी।