मुंबई में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने 23 जून को दस्तक दे दी, जो सामान्य तिथि से लगभग 13 दिन देर से पहुंचा है। इसके बाद 24 जून 2026 की सुबह शहर भारी बारिश की वजह से जागा, जहां रातभर हुई तेज बारिश ने कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के क्षेत्रों—ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग—के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें अगले कुछ घंटों तक मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया, हालांकि प्रशासन ने बताया कि प्रमुख सबवे खुले रहे और यातायात व्यवस्था पर बड़ा असर नहीं पड़ा। पूर्वी उपनगरों में लगभग 167 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में करीब 208 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
IMD ने मछुआरों के लिए भी चेतावनी जारी की है और दक्षिण महाराष्ट्र-गोवा तट पर 22 से 26 जून तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। वहीं, भारी बारिश के कारण ठाणे और पालघर जिलों में भी हालात बिगड़ गए हैं। माळशेज घाट क्षेत्र में भूस्खलन की घटना सामने आई है, जिससे कुछ समय के लिए मार्ग प्रभावित हुआ। इसके अलावा कई जगहों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश का यह दौर जारी रह सकता है और कुछ क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।
केंद्र सरकार ने भी बताया है कि कमजोर मानसून और संभावित 43% मॉनसून घाटे के कारण 111 जिलों को फसल नुकसान के लिहाज से संवेदनशील घोषित किया गया है। इससे खरीफ बुवाई पर असर पड़ सकता है।
मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में फिलहाल लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को तैयार रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।