आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक विरोध मार्च निकाला। इस मार्च में लगभग 100 समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। हालांकि, प्रधानमंत्री से मुलाकात की अनुमति नहीं मिलने के बाद केजरीवाल ने अपना विरोध मार्च समाप्त कर दिया।
AAP का कहना है कि E20 पेट्रोल नीति आम लोगों, खासकर दोपहिया और चारपहिया वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकती है। पार्टी ने सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने और आम जनता की चिंताओं को गंभीरता से लेने की मांग की है।
मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को निर्धारित सीमा से आगे नहीं जाने दिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल को प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति नहीं मिली, जिसके चलते विरोध मार्च को समाप्त करने की घोषणा की गई।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य E20 पेट्रोल से जुड़े संभावित प्रभावों को जनता और केंद्र सरकार के सामने रखना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं हैं और आम नागरिकों को इसके आर्थिक और तकनीकी प्रभावों के बारे में पूरी जानकारी मिलनी चाहिए।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार का कहना है कि E20 ईंधन का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना है। सरकार इसे भविष्य की ईंधन नीति का महत्वपूर्ण कदम मानती है।
अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। विपक्ष और सरकार दोनों अपने-अपने पक्ष रख रहे हैं, जबकि जनता की नजरें इस विवाद पर केंद्रित हैं। आने वाले दिनों में E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा और भी बढ़ सकती है।