बेटियों को पढ़ाकर बनाया काबिल, लेकिन आखिरी विदाई सिर्फ वीडियो कॉल पर देखती रह गईं तीनों बेटियां

He Educated His Daughters, But They Could Only Watch His Last Journey on Video Call from Miles Away
हरियाणा के सोनपत से एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों, जिम्मेदारियों और बदलते सामाजिक परिवेश पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अपनी पूरी जिंदगी बेटियों को पढ़ाने-लिखाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में लगाने वाले एक बुजुर्ग ने आखिरकार सोनपत के एक वृद्धाश्रम में अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु के बाद उनकी तीनों बेटियां, जो नेपाल, उत्तर प्रदेश और मुंबई में रहती हैं, पिता की अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो सकीं।
जानकारी के अनुसार, वृद्धाश्रम प्रशासन ने बेटियों से संपर्क किया, लेकिन दूरी और अन्य परिस्थितियों के कारण वे समय पर सोनपत नहीं पहुंच पाईं। ऐसे में पिता के अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया वीडियो कॉल के माध्यम से दिखाई गई। तीनों बेटियों ने मोबाइल स्क्रीन पर अपने पिता को अंतिम विदाई दी। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर गया।
बताया जाता है कि बुजुर्ग ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा बेटियों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए समर्पित किया था। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी बेटियों को पढ़ाया और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा किया। लेकिन जीवन के अंतिम दिनों में उन्हें वृद्धाश्रम में रहना पड़ा, जहां उनकी देखभाल की जा रही थी।
यह घटना केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि आज के समाज की बदलती पारिवारिक संरचना और बुजुर्गों की स्थिति पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है। काम, दूरी और परिस्थितियां कई बार अपनों को अंतिम समय में भी साथ नहीं आने देतीं। हालांकि बेटियों ने वीडियो कॉल के जरिए पिता को अंतिम विदाई देकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं, लेकिन यह घटना हर किसी को भावुक कर देने वाली है।
सोनपत की यह घटना सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गई है। कई लोग इसे आधुनिक जीवन की मजबूरी बता रहे हैं, तो कई इसे परिवार और रिश्तों के बदलते स्वरूप से जोड़कर देख रहे हैं।
About the Author: Gia Rana
Gia Rana is a dedicated journalist and reporter for HBN News 24, committed to bringing you the most accurate and fastest news updates from ground zero.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!