HBN News 24 Logo

कैंसर के मरीजों को बहुत बड़ी राहत, दवाईयों को किया इतना सस्ता ?

Center government reduces cancer medicine prices by 70 percent and caps trade margin at 30 percent to give relief to cancer patients in India.

Center government reduces cancer medicine prices by 70 percent and caps trade margin at 30 percent to give relief to cancer patients in India.

Author
Vivekनई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2026, (अपडेटेड 07:57 am)

हमारे देश में अक्सर ऐसे दिल दहलाने वाले मामले सामने आते हैं जहां गंभीर बीमारियों, विशेषकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे मरीजों को पैसों की तंगी के कारण समय पर और सही इलाज नहीं मिल पाता। कैंसर का इलाज अपने आप में एक बेहद लंबी, जटिल और खर्चीली प्रक्रिया है। इसके लिए इस्तेमाल होने वाली दवाइयों की कीमतें इतनी अधिक होती हैं कि एक आम मध्यमवर्गीय या गरीब परिवार कुछ ही महीनों में आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट जाता है। कई बार दवाइयों का खर्च न उठा पाने के कारण मरीजों को बीच में ही इलाज बंद करना पड़ता है, जो अंततः जानलेवा साबित होता है। इस गंभीर समस्या और मानवीय संकट को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और बहुत बड़ा कदम उठाया है, जिससे देश के लाखों कैंसर मरीजों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है।

गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन हुआ सीमित

सरकार के नए और कड़े फैसले के मुताबिक, अब कैंसर की उन दवाओं पर जो मूल्य नियंत्रण सूची (Price Control List) से बाहर थीं, उनकी बिक्री पर मुनाफे का मार्जिन (Trade Margin) अधिकतम 30 प्रतिशत तक तय कर दिया गया है। सरल शब्दों में कहें तो अब इन जीवनरक्षक दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को 30% तक सीमित करने का अनिवार्य नियम लागू कर दिया गया है। पहले यही दवाइयां सप्लाई चेन और विभिन्न स्तरों से गुजरते हुए मरीजों तक पहुंचते-पहुंचते कई गुना अधिक महंगी हो जाती थीं, जिससे कंपनियों और बिचौलियों का मुनाफा बहुत ज्यादा बढ़ जाता था। इस नए आदेश के बाद दवाओं की कीमतों में सीधे तौर पर 70 प्रतिशत तक की भारी कमी आने की उम्मीद है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस कदम से देश के कैंसर मरीजों और उनके परिवारों को हर साल लगभग 2500 करोड़ रुपये की सीधी बचत होगी।

किन दवाइयों पर लागू होगा नया नियम और क्या है दायरा ?

इस महत्वपूर्ण नियम के सुचारू क्रियान्वयन के लिए एक विशेष विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) का गठन किया गया है, जो पूरी सूची तैयार करेगी। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह नया नियम व्यापक स्तर पर लागू होगा, जिसमें घरेलू स्तर पर बनने वाली जेनेरिक और ब्रांडेड दवाइयों के साथ-साथ विदेशों से आयात की जाने वाली महंगी कैंसर रोधी दवाएं भी शामिल होंगी। इसके अलावा, बाजार में इन दवाओं की कृत्रिम कमी न हो और उनकी उपलब्धता लगातार बनी रहे, इसके लिए दवा निर्माता कंपनियों को अपने मौजूदा उत्पादन स्तर (Production Level) को पूरी तरह बरकरार रखने के सख्त निर्देश भी दिए गए हैं। नियम लागू होने के बाद तमाम अत्याधुनिक और महंगी कैंसर थेरेपी व दवाइयां रियायती दरों पर मिल सकेंगी, जिससे आम आदमी के कंधों से इलाज का बड़ा बोझ हल्का होगा।
ये भी पढ़ें- Elon Musk के समर्थन में विपक्षी दल, राहुल ने किया Elon का स्वागत, और बोले…

साल 2019 के शुरुआती कदम का अगला और बड़ा चरण

यह पहली बार नहीं है जब केंद्र सरकार ने कैंसर के इलाज को किफायती बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया हो। सरकार का यह ताजा फैसला असल में साल 2019 में उठाए गए स्वास्थ्य सुधारों के कदमों का ही एक अगला और अधिक विस्तृत चरण है। उस समय सरकार ने लगभग 526 ब्रांड्स की कैंसर दवाओं के दामों को तर्कसंगत बनाने के लिए हस्तक्षेप किया था, जिससे देश के मरीजों को सालाना करीब 984 करोड़ रुपये की बड़ी राहत और बचत मिली थी। हालांकि, उस वक्त भी कई गैर-अनुसूचित दवाइयों की कीमतें आसमान छू रही थीं। अब वर्तमान फैसले के जरिए उन तमाम बची हुई गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर भी नकेल कस दी गई है, जिससे कुल वार्षिक बचत का यह आंकड़ा बढ़कर सीधे 2500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

Cancer Drugs Cheap India
Cancer Drugs Cheap India
सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणियों के बाद आया बड़ा आदेश

इस नीतिगत बदलाव के पीछे देश की सर्वोच्च अदालत की एक अहम भूमिका और निर्देश भी रहे हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने देश में कैंसर की दवाओं की आसमान छूती कीमतों और निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों से वसूले जा रहे भारी-भरकम मार्जिन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए तीखे सवाल उठाए थे। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि वह जीवनरक्षक और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं पर एक निश्चित और सीमित मार्जिन तय करे ताकि आम नागरिकों को इलाज के अभाव में अपनी जान न गंवानी पड़े। शीर्ष अदालत की इस सख्ती और जनहित याचिकाओं के दबाव के बाद सरकार ने यह त्वरित और बेहद स्वागत योग्य कदम उठाया है, जिसे चिकित्सा क्षेत्र और आम जनता द्वारा एक ऐतिहासिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

Vivek

About the Author: Vivek

Vivek is a dedicated journalist and reporter for HBN News 24, committed to bringing you the most accurate and fastest news updates from ground zero.

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!