गाजियाबाद के 2 अस्पतालों ने बच्ची को इलाज से लौटाया, अब ₹12 लाख देने को क्यों हुए तैयार?

2 Ghaziabad Hospitals Turned Away a Child, Now Why Are They Offering ₹12 Lakh?
गाजियाबाद से सामने आया एक गंभीर मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। मामले में दो निजी अस्पतालों पर एक बच्ची को गंभीर हालत में इलाज उपलब्ध नहीं कराने के आरोप लगे हैं। बच्ची को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिलने के बाद उसकी मौत हो गई।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों अस्पतालों की ओर से बच्ची के माता-पिता को कुल ₹12 लाख देने की पेशकश की गई। रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल इस राशि को मुआवजे के बजाय “दान” के रूप में देने की बात कर रहे हैं। इससे मामले में अस्पतालों की जिम्मेदारी और कानूनी जवाबदेही को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताई गई। मामला सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी सवाल उठता है कि गंभीर हालत में पहुंचे मरीज को अस्पतालों द्वारा तत्काल चिकित्सा सहायता क्यों नहीं दी गई।
अब अदालत की कार्यवाही में अस्पतालों की भूमिका, बच्ची को इलाज से कथित तौर पर वंचित किए जाने और माता-पिता को दी जा रही राशि जैसे मुद्दे अहम बने हुए हैं।
आखिर उन दो अस्पतालों ने बच्ची को इलाज देने से क्यों इनकार किया और अब ₹12 लाख देने की नौबत क्यों आई? पूरी कहानी और सुप्रीम कोर्ट में हुई कार्रवाई जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
About the Author: Gia Rana
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