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चीन ने पुनः उपयोग योग्य ‘लॉन्ग मार्च 12बी’ रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया

चीन ने पुनः उपयोग योग्य ‘लॉन्ग मार्च 12बी’ रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया

चीन ने पुनः उपयोग योग्य ‘लॉन्ग मार्च 12बी’ रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया

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Shiv Kumarनई दिल्ली, 5 जून 2026, (अपडेटेड 08:49 am)

चीन ने अपने नए लॉन्ग मार्च 12बी रॉकेट का पहली बार सफल प्रक्षेपण करके अंतरिक्ष क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस मिशन की सबसे खास बात यह रही कि इसके प्रक्षेपण की कोई सार्वजनिक घोषणा पहले से नहीं की गई थी। रॉकेट ने दो इंटरनेट संचार उपग्रहों को सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया, जिससे चीन के तेजी से विस्तार कर रहे अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई मजबूती मिली है।

लॉन्ग मार्च 12बी को चीन के भविष्य के पुनः उपयोग योग्य प्रक्षेपण यानों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह रॉकेट कई मामलों में अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स के प्रसिद्ध फाल्कन-9 रॉकेट जैसी तकनीक से प्रेरित माना जाता है। फाल्कन-9 ने पुनः उपयोग योग्य रॉकेट तकनीक के माध्यम से अंतरिक्ष प्रक्षेपण की लागत को काफी कम किया है। चीन भी इसी प्रकार की तकनीक विकसित कर वैश्विक अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति को और मजबूत करना चाहता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, लॉन्ग मार्च 12बी कार्यक्रम चीन की दीर्घकालिक अंतरिक्ष रणनीति का हिस्सा है। इसके तहत देश ऐसे रॉकेट विकसित करने पर काम कर रहा है जो अधिक किफायती, विश्वसनीय और कई बार उपयोग किए जा सकें। इससे न केवल उपग्रह प्रक्षेपण मिशनों की लागत में कमी आएगी, बल्कि भविष्य में मानव अंतरिक्ष उड़ानों, चंद्र अभियानों और अन्य महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।

इस मिशन में प्रक्षेपित किए गए दो इंटरनेट उपग्रह चीन की अंतरिक्ष आधारित संचार सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने में मदद करेंगे। चीन लगातार अपने उपग्रह नेटवर्क का विस्तार कर रहा है ताकि वैश्विक स्तर पर इंटरनेट कनेक्टिविटी, डेटा संचार और डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके।

पिछले कुछ वर्षों में चीन ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। चंद्रमा और मंगल ग्रह से जुड़े अभियानों से लेकर अपने स्वतंत्र अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण तक, देश ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। लॉन्ग मार्च 12बी का सफल प्रक्षेपण इस बात का संकेत है कि चीन अब पुनः उपयोग योग्य रॉकेट तकनीक के क्षेत्र में भी बड़ी छलांग लगाने की तैयारी कर रहा है।

यदि चीन इस तकनीक को पूरी तरह विकसित करने में सफल हो जाता है, तो वह वैश्विक अंतरिक्ष प्रक्षेपण बाजार में अग्रणी कंपनियों को कड़ी चुनौती दे सकता है और अंतरिक्ष उद्योग में अपनी भूमिका को और अधिक मजबूत बना सकता है।



Shiv Kumar

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