BRICS 2026: Modi-Xi Bilateral Meeting पर चीन का बड़ा बयान

Chinese President Xi Jinping and Indian Prime Minister Narendra Modi shaking hands during bilateral talks at BRICS Summit
BRICS 2026 Summit: Xi Jinping के भारत दौरे से पहले चीन का बड़ा बयान, कहा- PM Modi संग वार्ता में मतभेदों को सुलझाने पर रहेगा जोर
18वें BRICS Summit में भाग लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के नई दिल्ली आगमन से ठीक पहले बीजिंग की ओर से बड़ा राजनयिक संदेश सामने आया है। चीनी विदेश मंत्रालय और भारत में चीन के राजदूत Xu Feihong ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की जा रही है। चीन ने जोर देकर कहा कि दोनों पड़ोसी देश मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने और दीर्घकालिक रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Modi-Xi Jinping Bilateral Meeting का समय और ऐतिहासिक महत्व क्या है?
शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच यह बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय बैठक शनिवार शाम 5:45 बजे भारत मंडपम में आयोजित की गई है। वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख की गल्वान घाटी में हुए सीमा विवाद और तनातनी के बाद यह लगभग सात वर्षों में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पहली भारत यात्रा है। यह उच्चस्तरीय मुलाकात कज़ान और तियानजिन के बाद दोनों शीर्ष नेताओं के बीच लगातार तीसरे वर्ष हो रही प्रत्यक्ष वार्ता को दर्शाती है।
India-China Relations पर चीन के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Mao Ning और राजदूत Xu Feihong ने सोशल मीडिया और प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों की भावी दिशा पर चार मुख्य बिंदु रेखांकित किए:
दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए।
सीमा विवाद और आर्थिक मुद्दों पर आपसी संवाद और सहयोग को और तेज़ किया जाना चाहिए।
आपसी मतभेदों को उचित ढंग से प्रबंधित (properly handle differences) करते हुए सीमा पर शांति बनाए रखनी होगी।
भारत और चीन को एक-दूसरे के विकास में सहायक और अच्छे पड़ोसी (good neighbours) की भूमिका निभानी चाहिए।
Modi-Xi Meeting में किन मुख्य एजेंडों और व्यापारिक मुद्दों पर होगी बात?
सीमा पर शांति और एलएसी (LAC) पर गश्त व्यवस्था को सुचारू करने के अलावा, दोनों नेताओं के बीच व्यापारिक और आर्थिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की संभावना है। भारत लंबे समय से चीन के साथ बढ़ रहे $112 अरब से अधिक के व्यापार घाटे (trade deficit) और भारतीय निर्यातकों के लिए चीनी बाज़ार में पहुँच को लेकर चिंता जताता रहा है। इसके अलावा, क्रिटिकल मिनरल्स (critical minerals) की आपूर्ति, वीज़ा प्रक्रिया में ढील और ब्रह्मपुत्र नदी पर प्रस्तावित बांध परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत होने की उम्मीद है।
ये भी पढ़ें- 18th BRICS Summit New Delhi: Putin-Modi की द्विपक्षीय वार्ता
About the Author: Ushnish Sharma
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