मणिपुर में फिर भड़की हिंसा! रात के अंधेरे में 15 घर आग के हवाले, जान बचाकर जंगलों में भागे ग्रामीण

Manipur Violence: कामजोंग के चस्साद गांव में हिंसा के दौरान कुकी समुदाय के 15 घरों में आगजनी और ग्रामीणों का पलायन
शांति की उम्मीदों को फिर लगा झटका, चस्साद गांव में हमले के बाद दहशत; एक नागरिक की मौत, कई घायल और परिवार बेघर
मणिपुर में क्या शांति की उम्मीदें फिर टूटने लगी हैं? महीनों तक जातीय हिंसा की आग में झुलसने के बाद राज्य से हालात सुधरने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन कामजोंग जिले से सामने आई ताजा घटना ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। शनिवार देर रात चस्साद गांव में संदिग्ध उग्रवादियों के हमले के बाद कुकी समुदाय के 15 घरों को आग के हवाले कर दिया गया। जान बचाने के लिए कई ग्रामीणों को अपने घर छोड़कर जंगलों और नजदीकी आर्मी कैंप में शरण लेनी पड़ी।
रात के हमले से गांव में मची अफरा-तफरी अधिकारियों के मुताबिक, चस्साद गांव में हिंसा की यह घटना अचानक सामने नहीं आई। इससे पहले शनिवार को भी गांव पर हमला हुआ था, जिसमें एक कुकी नागरिक की मौत हो गई और चार अन्य लोग गोली लगने से घायल हो गए। इसके बाद देर रात घरों में आग लगाए जाने की घटना ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। कई परिवारों के सामने घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
एक ही जिले में गोलीबारी, कई नागरिक घायल कामजोंग जिले के मुख्यालय में भी हिंसा की एक अलग घटना सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, वहां एक अन्य समुदाय के उपद्रवियों के हमले में तीन तांगखुल नगा नागरिक गोली लगने से घायल हो गए। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा बल तैनात, 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश स्थिति को नियंत्रित करने के लिए असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और कामजोंग पुलिस की संयुक्त टुकड़ी को प्रभावित क्षेत्र में तैनात किया गया है। मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने चस्साद में हुई हिंसा की निंदा करते हुए कुकी नागरिक की मौत पर दुख जताया। उन्होंने घायल ग्रामीणों और विस्थापित परिवारों को लेकर चिंता व्यक्त की तथा घरों को जलाने की घटना को असहनीय अपराध बताया।
उपमुख्यमंत्री के अनुसार, जिला प्रशासन, राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों को 24 घंटे सतर्क रहने, नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या मणिपुर में शांति बहाल हो पाएगी?
एक बार फिर घर जलने, गोलीबारी और ग्रामीणों के विस्थापन की घटनाओं ने मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने की चुनौती को सामने ला दिया है। अब सबकी नजर सुरक्षा बलों की कार्रवाई, प्रभावित परिवारों की सुरक्षित वापसी और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर है।
मणिपुर में शांति की वापसी कब होगी? यह सवाल एक बार फिर पूरे देश का ध्यान इस अशांत राज्य की ओर खींच रहा है।
About the Author: Manuj Bhanvra
Manuj Bhanvra is a dedicated journalist and reporter for HBN News 24, committed to bringing you the most accurate and fastest news updates from ground zero.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
लेटेस्ट
संबंधित खबरें

Meerut Blue Drum Case: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा
14 अक्टू॰ 2026
Nepal Flash Floods नेपाल में क्यों आई तबाही मचाने वाली बाढ़?
12 अक्टू॰ 2026
Riyadh Airport Attack: मिसाइल हमले में भारतीय समेत 13 मौतें
12 अक्टू॰ 2026
पंचकूला में बड़ी पुलिस रेड, 400 घरों की तलाशी; 3 आरोपी गिरफ्तार
11 अक्टू॰ 2026
Elon Musk Apology: पीएम मोदी और अंबानी से मांगी माफी
10 अक्टू॰ 2026
Delhi Protest: CJP व AISA प्रदर्शन से पहले 1000 हिरासत में
10 अक्टू॰ 2026
"डिजिटल बुलंदियों की नई शुरुआत, सिर्फ DIGITAL ORRA के साथ"
9 अक्टू॰ 2026



