उलानबातर ओपन में आज से भारतीय पहलवानों की चुनौती

उलानबातर ओपन में आज से भारतीय पहलवानों की चुनौती
मंगोलिया की राजधानी उलानबातर में आज से शुरू हो रही प्रतिष्ठित उलानबातर ओपन रैंकिंग सीरीज 2026 में भारतीय पहलवान अपने अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता रैंकिंग सीरीज का तीसरा चरण है और दुनिया भर के शीर्ष पहलवानों को एक मंच पर लाती है। इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन खिलाड़ियों के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि यहां मिलने वाले रैंकिंग अंक भविष्य की विश्व चैंपियनशिप, महाद्वीपीय प्रतियोगिताओं और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में बेहतर सीडिंग सुनिश्चित करने में मदद करते हैं।
भारत ने इस चार दिवसीय प्रतियोगिता के लिए पुरुष फ्रीस्टाइल, महिला कुश्ती और ग्रीको-रोमन तीनों वर्गों में संतुलित और मजबूत टीम उतारी है। भारतीय दल में कई ऐसे पहलवान शामिल हैं जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है, जबकि कुछ युवा खिलाड़ी इस मंच का उपयोग खुद को विश्व स्तर पर स्थापित करने के अवसर के रूप में करेंगे।
महिला कुश्ती वर्ग में भारत की उम्मीदें कई प्रतिभाशाली पहलवानों पर टिकी होंगी। एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई कर चुकी मानसी अहलावत 62 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। मानसी ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए खुद को भारत की प्रमुख महिला पहलवानों में शामिल किया है। वहीं प्रिया मलिक 76 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी। जूनियर और आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर चुकी प्रिया से इस बार भी मजबूत चुनौती पेश करने की उम्मीद है।
इसके अलावा मीनाक्षी गोयत 53 किलोग्राम भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनकी तेज तकनीक और आक्रामक शैली उन्हें इस वर्ग की मजबूत दावेदार बनाती है। वहीं पूर्व एशियाई चैंपियन मनीषा भनवाला 57 किलोग्राम वर्ग में अपना अनुभव और कौशल दिखाने के लिए तैयार हैं। मनीषा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण मुकाबले जीत चुकी हैं और उनसे पदक की उम्मीद की जा रही है।
पुरुष फ्रीस्टाइल वर्ग में मुकुल दहिया 86 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की चुनौती का नेतृत्व करेंगे। मुकुल हाल के वर्षों में लगातार अपनी तकनीकी क्षमता और दमदार प्रदर्शन के कारण चर्चा में रहे हैं। उनके सामने दुनिया के कई शीर्ष पहलवान होंगे, लेकिन भारतीय प्रशंसकों को उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। यह टूर्नामेंट उनके लिए अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग सुधारने और बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी को मजबूत करने का भी अवसर होगा।
ग्रीको-रोमन वर्ग में भारत की नजरें अनुभवी खिलाड़ियों पर टिकी होंगी। अमन, नितेश कुमार और सुनील कुमार जैसे पहलवान इस शैली में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। ग्रीको-रोमन कुश्ती भारत के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पहलवानों ने इस वर्ग में उल्लेखनीय प्रगति दिखाई है। ऐसे में इस प्रतियोगिता में भी उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
भारतीय दल की सबसे बड़ी उम्मीदों में से एक सुनील कुमार हैं, जो 87 किलोग्राम भार वर्ग में मैट पर उतरेंगे। सुनील लंबे समय से भारतीय ग्रीको-रोमन कुश्ती का प्रमुख चेहरा रहे हैं और उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन किया है। उनकी तकनीकी समझ, अनुभव और बड़े मुकाबलों का दबाव झेलने की क्षमता उन्हें इस वर्ग के प्रमुख दावेदारों में शामिल करती है। यदि वह अपनी लय में नजर आते हैं तो भारत के लिए पदक जीतना संभव हो सकता है।
उलानबातर ओपन रैंकिंग सीरीज केवल पदकों की दौड़ नहीं है, बल्कि यह पहलवानों के लिए आगामी विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं की तैयारी का भी महत्वपूर्ण मंच है। यहां दुनिया के विभिन्न देशों के शीर्ष खिलाड़ी भाग लेते हैं, जिससे मुकाबलों का स्तर बेहद ऊंचा रहता है। ऐसे में भारतीय पहलवानों के लिए यह प्रतियोगिता अपनी रणनीति, फिटनेस और तकनीकी कौशल को परखने का सुनहरा अवसर होगी।
भारतीय कुश्ती प्रशंसकों की नजरें अब इस टूर्नामेंट पर टिकी हैं। देश के अनुभवी और युवा पहलवानों का यह मिश्रण मंगोलिया में शानदार प्रदर्शन कर भारत के लिए पदक जीतने के साथ-साथ महत्वपूर्ण रैंकिंग अंक हासिल करने की कोशिश करेगा। यदि भारतीय खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करने में सफल रहते हैं, तो यह प्रतियोगिता आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से पहले उनके आत्मविश्वास को भी नई मजबूती प्रदान कर सकती है।
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