हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की 3 दिवसीय हड़ताल शुरू, निजीकरण के विरोध में 40 हजार कर्मचारी मैदान में

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल 22 से 24 अक्टूबर 2026, निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन
गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन, बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका
चंडीगढ़/पंचकूला: हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण के लिए ‘इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड’ को 25 साल का समानांतर लाइसेंस दिए जाने के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने 22 से 24 अक्टूबर 2026 तक तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है। इस आंदोलन में करीब 40 हजार बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
निजीकरण के फैसले के खिलाफ आर-पार की लड़ाई
बिजली कर्मचारियों के साझा मंच ‘हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा’ का कहना है कि बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से कर्मचारियों के हितों और सार्वजनिक बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसी फैसले के विरोध में कर्मचारी राज्यभर में आंदोलन कर रहे हैं।
कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े फैसलों में सार्वजनिक क्षेत्र और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता दी जाए तथा निजीकरण से संबंधित निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए।
ऊर्जा मंत्री से बातचीत का प्रस्ताव ठुकराया
हड़ताल के बीच ऊर्जा मंत्री अनिल विज की ओर से बातचीत के लिए बुलाए जाने की खबर भी सामने आई है। हालांकि, कर्मचारी संगठनों के साझा मंच ने बातचीत के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इससे सरकार और बिजली कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका है।
सरकार अलर्ट, अधिकारियों-कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने के निर्देश
हड़ताल को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 25 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली आपूर्ति में संभावित व्यवधान को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
हालांकि, राज्य के सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की पुष्टि नहीं है। उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र की बिजली स्थिति के लिए संबंधित बिजली निगम की आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी चाहिए।
OPS और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की भी मांग
बिजली कर्मचारियों का आंदोलन केवल निजीकरण के मुद्दे तक सीमित नहीं है। उनकी अन्य प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करना, कच्चे एवं हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के कर्मचारियों को नियमित करना और कर्मचारियों को 7,000 रुपये मासिक रिस्क अलाउंस देना शामिल है।
दिसंबर में फिर हो सकती है हड़ताल
कर्मचारी संगठनों ने आगामी 1 से 3 दिसंबर 2026 तक भी हड़ताल पर जाने का नोटिस देने की बात कही है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत तथा मांगों पर होने वाले फैसले महत्वपूर्ण रहेंगे।
फिलहाल, हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के चलते बिजली व्यवस्था पर नजर बनी हुई है। यदि विवाद का समाधान समय रहते नहीं निकलता, तो आने वाले समय में भी बिजली सेवाओं और कर्मचारियों के आंदोलन को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण बनी रह सकती है।
About the Author: Manuj Bhanvra
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