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Delhi High Court: CJP Protest के नेताओं ने वापस ली याचिका

Delhi High Court building exterior as CJP leaders Saurav Das and Ashutosh Ranka withdraw their plea challenging judicial custody extension

Delhi High Court building exterior as CJP leaders Saurav Das and Ashutosh Ranka withdraw their plea challenging judicial custody extension

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Ushnish Sharmaनई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026, (अपडेटेड 01:31 pm)

Delhi High Court Update: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने हाईकोर्ट से वापस ली याचिका; न्यायिक हिरासत को दी थी चुनौती

कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party - CJP) के वरिष्ठ नेताओं Saurav Das और Ashutosh Ranka ने दिल्ली हाईकोर्ट से अपनी वह याचिका वापस ले ली है, जिसमें उन्होंने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (Special Executive Magistrate - SEM) द्वारा अपनी न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती दी थी। लीगल न्यूज पोर्टल लाइवलॉ (LiveLaw) की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने मामले के तथ्यों व मेरिट पर कोई टिप्पणी किए बिना दोनों नेताओं को अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं से क्या कहा?

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने याचिकाकर्ताओं के रुख और कानूनी प्रक्रिया पर अहम सवाल उठाए:

  • Alternative Legal Remedy: अदालत ने टिप्पणी की कि यदि याचिकाकर्ता SEM के आदेश से असंतुष्ट हैं, तो उनके पास आपराधिक प्रक्रिया/न्याय संहिता के तहत पुनरीक्षण (Revision) या निचली अदालत में अपील करने का वैधानिक विकल्प मौजूद है।

  • Questions on Peace Bond Breach: हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि जब पुलिस का आरोप है कि शांति बनाए रखने का बॉन्ड (Peace Bond) तोड़ा गया है, तो अधिकारियों द्वारा सख्त शर्तों की मांग को पूरी तरह गैर-कानूनी नहीं कहा जा सकता।

  • Withdrawal Decision: हाईकोर्ट के रुख और मामले की वैधानिक स्थिति को देखते हुए याचिकाकर्ताओं के वकील ने निर्देश लेकर याचिका वापस लेने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी का पूरा मामला क्या है?

यह कानूनी विवाद जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है:

  1. Detention at Jantar Mantar: 13-14 अक्टूबर को CJP नेताओं पर आरोप लगा कि वे बिना पुलिस अनुमति के गैर-अधिसूचित स्थल जंतर-मंतर के प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसे और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

  2. Breach of Peace Bond Allegation: पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पहले दिए गए 50,000 रुपये के शांति बॉन्ड का उल्लंघन किया।

  3. Custody Extension: 19 अक्टूबर को SEM कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी और उनके द्वारा पेश की गई नई जमानतों (Sureties) को अपर्याप्त व संदिग्ध पाया था।

याचिका वापस होने के बाद अब आगे क्या कानूनी विकल्प हैं?

हाईकोर्ट से याचिका वापस लेने के बाद CJP नेताओं का मामला अब निचली अदालत में ही चलेगा:

  • Hearing Before SEM: दिल्ली पुलिस ने SEM अदालत के समक्ष दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत 3 दिन और बढ़ाने की मांग की है।

  • Next Legal Course: SEM अदालत के अंतिम आदेश के बाद, यदि दोनों नेताओं को राहत नहीं मिलती है, तो वे वैधानिक प्रक्रिया के तहत सेशंस कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका (Revision Petition) या नियमित जमानत अर्जी दाखिल कर सकते हैं।

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Ushnish Sharma

About the Author: Ushnish Sharma

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