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Kolkata Pandal Stampede 7 आरोपियों को 10 दिन की पुलिस रिमांड

Chorbagan Durga Puja pandal in North Kolkata sealed by police after deadly stampede as court sends seven accused to ten days police custody

Chorbagan Durga Puja pandal in North Kolkata sealed by police after deadly stampede as court sends seven accused to ten days police custody

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Ushnish Sharmaनई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2026, (अपडेटेड 01:26 am)

Kolkata Pandal Stampede Tragedy: उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल हादसे में बड़ी कार्रवाई; कोर्ट ने पूजा समिति सचिव समेत 7 आरोपियों को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

उत्तरी कोलकाता के प्रसिद्ध Chorbagan Sarbojanin Durga Puja Pandal में हुए भीषण हादसे में 19 श्रद्धालुओं की मौत और 25 से अधिक लोगों के घायल होने के मामले में पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एनडीटीवी (NDTV) की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय अदालत (बैंकशॉल कोर्ट) ने पूजा समिति के सचिव और उपाध्यक्ष समेत गिरफ्तार किए गए सभी 7 मुख्य आरोपियों को 10 दिनों की पुलिस रिमांड (10-Day Police Custody) पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

कोलकाता पंडाल भगदड़ केस में किन-किन 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है?

जांच अधिकारियों द्वारा क्राउड मैनेजमेंट, सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में हुई लापरवाही की जांच के तहत जिन 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनकी सूची इस प्रकार है:

  1. Raj Kumar Sewda (Raja): पूजा समिति के सचिव।

  2. Santanu Dubey: पूजा समिति के उपाध्यक्ष।

  3. Biplab Mukherjee (Joy): बांस के ढांचे (Bamboo Structure) और पंडाल निर्माण के प्रभारी।

  4. Koushik Saha & Pintu Dey: भीड़ नियंत्रण और वीआईपी पास प्रबंधन के जिम्मेदार।

  5. Suman Chakraborty & Rajesh Pal: सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले प्राइवेट सिक्योरिटी इंचार्ज।

चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में यह खौफनाक हादसा कैसे हुआ?

सप्तमी की शाम करीब 7:40 बजे भारी बारिश और भीड़ के बीच यह दर्दनाक हादसा हुआ:

  • Rumors and Announcement: शुरुआती जांच में सामने आया है कि मूसलाधार बारिश से बचने के लिए पंडाल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई थी। इसी दौरान लाउडस्पीकर पर हुई एक घोषणा और सीटी बजने से अफवाह फैल गई कि 'गेट खोलो, पंडाल गिर रहा है'।

  • Panic and Crowd Surge: अफवाह के बाद प्रवेश और निकास द्वारों पर अचानक अफरा-तफरी मच गई। भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण बैरिकेड्स टूट गए, जिससे नीचे गिरे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और 19 लोगों की दम घुटने व कुचले जाने से मौत हो गई।

घटना के बाद राज्य सरकार और प्रशासन ने क्या-क्या कदम उठाए हैं?

हादसे के बाद उत्तरी कोलकाता के प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और जांच तेज कर दी गई है:

  • Section 163 Imposed: स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए कोलकाता पुलिस आयुक्त ने बड़ाबाजार और आसपास के इलाकों में तीन दिनों (18 से 20 अक्टूबर) के लिए Section 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है, जिसके तहत 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है।

  • High-Level Investigation: पूरे पंडाल परिसर को सील कर दिया गया है। फॉरेंसिक टीम, स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और फायर ब्रिगेड घटना स्थल का तकनीकी मुआयना कर रही हैं।

  • Compensation Announced: राज्य सरकार ने मृतकों के आश्रितों को ₹25 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है, साथ ही हाईकोर्ट के मौजूदा जज की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है।

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Ushnish Sharma

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