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China Patrolling Deviations: चीन की गश्त पर MEA का बड़ा बयान

ITBP personnel patrolling along the snowy mountainous terrain near the Line of Actual Control (LAC) on the India-China border

ITBP personnel patrolling along the snowy mountainous terrain near the Line of Actual Control (LAC) on the India-China border

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Ushnish Sharmaनई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026, (अपडेटेड 01:35 am)

India-China Border Tensions: चीन की गश्त में 'विचलन' से सीमा पर बिगड़ती है स्थिति; आईटीबीपी डीजी के बयान पर विदेश मंत्रालय (MEA) की दो टूक

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control - LAC) पर सुरक्षा हालात को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक द्वारा एलएसी पर गश्त के दौरान होने वाले गतिरोधों (Face-offs) को लेकर दिए गए बयान के बाद विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs - MEA) ने बड़ा बयान जारी किया है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि चीनी सैनिकों द्वारा गश्त के तय नियमों और समझौतों से हटना (Patrolling Deviations) सीमावर्ती क्षेत्रों में अमन-चैन को बाधित करता है।

आईटीबीपी डीजी के किस बयान पर चर्चा छिड़ी है और MEA ने क्या कहा?

हाल ही में आईटीबीपी के शीर्ष अधिकारी ने एलएसी पर जमीनी हालात और चीनी सैनिकों की हरकतों पर खुलकर बात की थी:

  • ITBP DG's Assessment: रिपोर्ट के मुताबिक, आईटीबीपी प्रमुख ने बताया था कि कई बार फॉरवर्ड पोस्ट्स और पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच आमने-सामने की स्थिति (Face-offs) बन जाती है।

  • MEA's Official Stance: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है। चीनी पक्ष की ओर से गश्त के पैटर्न में होने वाले अनियोजित बदलाव (Deviations) से दोनों देशों के बीच बने आपसी समझौतों का उल्लंघन होता है और सीमा पर तनाव पैदा होता है।

सीमा पर पेट्रोलिंग और डिसइंगेजमेंट समझौतों का मौजूदा हाल क्या है?

पूर्वी लद्दाख और अन्य सेक्टरों में पिछले समझौतों के बाद भी चुनौतियां बनी हुई हैं:

  1. Diplomatic & Military Talks: भारत और चीन के बीच सैन्य कमांडरों और राजनयिक स्तर पर लगातार बातचीत जारी है ताकि गश्त अधिकारों (Patrolling Rights) और बफर जोन को लेकर स्पष्टता लाई जा सके।

  2. Readiness of Security Forces: भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान एलएसी पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं और हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं।

इस बयान के कूटनीतिक मायने क्या हैं?

विदेश मंत्रालय के इस रुख से साफ है कि भारत चीन के साथ सामान्य संबंध तभी बहाल करना चाहता है जब सीमा पर पूर्ण शांति और समझौतों का कड़ाई से पालन हो:

  • Strict Adherence to Pacts: नई दिल्ली ने स्पष्ट कर दिया है कि द्विपक्षीय संबंधों की बहाली के लिए एलएसी पर यथास्थिति बनाए रखना और गश्त नियमों का पालन करना अनिवार्य शर्त है।

Ushnish Sharma

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